
समस्तीपुर कॉलेज में शनिवार को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर एक भव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
इस वर्ष की थीम ‘जीवन के वास्तविक अनुभवों को सुनना, वास्तविक आवाजें, वास्तविक बदलाव’ पर केंद्रित रही।
कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, व्यक्तिगत अनुभवों को समझने और तनाव प्रबंधन के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और स्वागत गीत के साथ किया गया। इस अवसर पर ध्यान की विभिन्न तकनीकों के माध्यम से मानसिक संतुलन को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में विभूतिपुर के विधायक अजय कुमार उपस्थित रहे।
संवेदनशीलता दिखाने की जरूरत
विधायक अजय कुमार ने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना अत्यंत जरूरी है।
मानसिक तनाव, चिंता और मनोवैज्ञानिक समस्याओं को नजरअंदाज करने के बजाय उनके प्रति संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं पर खुलकर बातचीत करने से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
विद्यार्थियों में तनाव प्रबंधन
प्रधानाचार्य डॉ. शशि भूषण कुमार ‘शशि’ ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य का प्रभाव व्यक्ति के व्यक्तित्व, व्यवहार और निर्णय लेने की क्षमता पर पड़ता है।
विद्यार्थियों को पढ़ाई, परीक्षा, करियर और व्यक्तिगत परिस्थितियों के कारण अक्सर मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है।
ऐसे में उन्हें अपनी भावनाएं व्यक्त करने और जरूरत पड़ने पर मनोवैज्ञानिक सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित करना आवश्यक है।
संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका
प्रधानाचार्य ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने में शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम का कुशल संयोजन डॉ. रणधीर कुमार ने किया, जबकि अंत में डॉ. दिनेश्वर राय ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस मौके पर कॉलेज के कई प्राध्यापक, विद्वान और छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।



