पप्पू यादव की पटना कोर्ट में पेशी, सरेंडर के बाद मिली जमानत; 2020 के प्रदर्शन से जुड़ा है मामला

पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने वर्ष 2020 में हुए प्रदर्शन से जुड़े मामले में बुधवार को पटना की अदालत में आत्मसमर्पण किया। अदालत में सरेंडर करने के बाद उन्होंने जमानत की अर्जी दाखिल की, जिसे एसीजेएम-15 प्रीति राय की अदालत ने मंजूर कर लिया।

यह मामला कोरोना काल के दौरान सरकारी निर्देशों के कथित उल्लंघन और प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रदर्शन करने से जुड़ा है।

गांधी मैदान के पास प्रदर्शन से जुड़ा है मामला

मामला गांधी मैदान थाना कांड संख्या 225/2020 से संबंधित है। सांसद के अधिवक्ता विजय आनंद के मुताबिक, यह घटना 2 नवंबर 2020 की है।

उस दिन पप्पू यादव करीब 150 से 200 लोगों के साथ गांधी मैदान के पास पहुंचे थे, जहां शिक्षा कर्मी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।

शिक्षा कर्मियों की मांगों के समर्थन में हुई थी नारेबाजी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांधी मैदान के पास महाविद्यालयों के वित्त रहित शिक्षा कर्मी बैनर लेकर अपनी मांगों के समर्थन में जुटे थे।

इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की जा रही थी। प्रदर्शन के दौरान मौजूद लोगों की संख्या करीब 150 से 200 बताई गई है। इसी घटनाक्रम को लेकर पुलिस ने मामला दर्ज किया था।

सरकारी निर्देशों के उल्लंघन का लगा था आरोप

कोरोना काल के दौरान सरकारी निर्देशों के उल्लंघन, प्रतिबंधित क्षेत्र में जुलूस निकालने और प्रदर्शन करने के आरोप में पप्पू यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

इस मामले में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ था। मामला दर्ज होने के बाद से यह प्रकरण कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ा।

अदालत से मिली राहत, जमानत अर्जी मंजूर

बुधवार को अदालत में आत्मसमर्पण करने के बाद पप्पू यादव की ओर से जमानत की मांग की गई। सुनवाई के बाद एसीजेएम-15 प्रीति राय की अदालत ने उनकी जमानत अर्जी स्वीकार कर ली। इस तरह 2020 के प्रदर्शन से जुड़े मामले में सरेंडर के बाद उन्हें अदालत से जमानत मिल गई।

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