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पश्चिमी यूपी में कौन जीत रहा है सबसे ज्यादा सीटें? यूपी विधानसभा चुनाव से पहले आया बड़ा सर्वे

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर तैयारियां अभी से तेज हो गई हैं. सभी राजनीतिक दल चुनाव में ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने के लिए मैदान में उतर चुके हैं. पश्चिमी यूपी में भी बीजेपी और सपा के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिल रही है.  इसी बीच, ‘न्यूज़ लीडर’ और ‘मैटराइज’ का एक नया ओपिनियन पोल सामने आया है, जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 136 विधानसभा सीटों का सियासी मिजाज बता रहा है.

इस सर्वे के आंकड़े समाजवादी पार्टी गठबंधन के लिए चिंता का विषय बन सकते हैं. सर्वे के अनुसार, पश्चिमी यूपी में बीजेपी और जयंत चौधरी की आरएलडी का गठबंधन एक बड़ी जीत की तरफ बढ़ता दिख रहा है. 136 सीटों में से NDA को 93 सीटें और सपा गठबंधन को 43 सीटें मिलने का अनुमान है. आइए जानते हैं कि पश्चिमी यूपी के अलग-अलग जिलों में किस पार्टी को कितनी सीटें मिलेंगी.

सहारनपुर: सपा और बीजेपी में कड़ी टक्कर

सहारनपुर की बात करें तो यहां इमरान मसूद और आशु मलिक की अंदरूनी लड़ाई के बावजूद सपा गठबंधन आगे दिख रहा है. जिले की सात सीटों में से सपा को चार और बीजेपी गठबंधन को तीन सीटें मिल सकती हैं. हालांकि, हाई-प्रोफाइल देवबंद सीट पर बीजेपी की जीत का अनुमान जताया गया है, जहां 2022 में भी मंत्री बृजेश सिंह ने जीत हासिल की थी.

जाटलैंड: शामली और मुजफ्फरनगर का हाल

जाटलैंड के नाम से मशहूर शामली और मुजफ्फरनगर में बीजेपी गठबंधन हावी दिख रहा है. शामली की तीन सीटों में से बीजेपी गठबंधन को दो और सपा को एक सीट मिल सकती है. यहां पुरकाजी से आरएलडी के मंत्री अनिल कुमार की जीत संभव बताई जा रही है. वहीं, मुजफ्फरनगर की छह सीटों में से चार पर बीजेपी गठबंधन और दो पर सपा गठबंधन जीत दर्ज कर सकता है.

संभल और रामपुर: सपा का पलड़ा भारी

संभल और रामपुर जैसे मुस्लिम बाहुल्य जिलों में समाजवादी पार्टी मजबूत नजर आ रही है. संभल में सपा गठबंधन को तीन और बीजेपी को एक सीट (चंदौसी से मंत्री गुलाब देवी) मिल सकती है. आजम खान के गढ़ रामपुर में भी सपा को तीन और बीजेपी को दो सीटें मिलने का अनुमान है. बिलासपुर सीट पर बीजेपी के मंत्री बलदेव सिंह औलख एक बार फिर जीत सकते हैं.

मेरठ, मुरादाबाद और बिजनौर में सपा को बढ़त

पश्चिमी यूपी के अमरोहा जिले में सपा को तीन और बीजेपी को एक सीट मिल सकती है. मेरठ की सात सीटों में से सपा को चार और बीजेपी को तीन सीटें मिलने का अनुमान है. बिजनौर की आठ सीटों में से सपा छह पर कब्जा कर सकती है, जबकि बीजेपी को दो सीटें मिल सकती हैं. मुरादाबाद में भी सपा छह में से पांच सीटें जीत सकती है.

इन जिलों में बीजेपी का क्लीन स्वीप

सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि बरेली में बीजेपी गठबंधन आठ और सपा सिर्फ एक सीट जीत सकती है. फिरोजाबाद में बीजेपी को तीन और सपा को दो सीटें मिल सकती हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि बागपत, बुलंदशहर, हाथरस, मथुरा, आगरा, एटा, नोएडा, गाजियाबाद, पीलीभीत और शाहजहांपुर जैसे जिलों में बीजेपी गठबंधन क्लीन स्वीप (सभी सीटों पर जीत) करता हुआ दिखाई दे रहा है.

बसपा का हाल और वोट शेयर का गणित

इस ओपिनियन पोल के अनुसार, पश्चिमी यूपी की 136 सीटों पर बीजेपी गठबंधन को 47% वोट और सपा गठबंधन को 36% वोट मिल सकते हैं. वहीं, मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को भले ही कोई सीट न मिले, लेकिन उसका वोट शेयर 10% रह सकता है. ओवरऑल बात करें तो अब तक के 273 सीटों के सर्वे में बीजेपी गठबंधन को 187, सपा को 85 और बसपा को एक सीट मिलती दिख रही है.

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