
पुस्तक मेला को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान उद्घाटन करेंगे। द्वार नंबर 4, 6 और 10 लोगों को प्रवेश देंगे। यहां बुजुर्गों, दिव्यांगों और स्कूल ड्रेस में आने वाले विद्यार्थियों का टिकट नहीं मिलेगा।
10 फरवरी से 18 फरवरी तक नई दिल्ली में नेशनल बुक ट्रस्ट ने प्रगति मैदान में विश्व पुस्तक मेला का आयोजन किया जाएगा। सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक यह कार्यक्रम हॉल संख्या 1 से 5 में चलेगा। इस बार मेले में पुस्तक प्रेमियों को भारतीय संस्कृति की झलक भी मिलेगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भारत मंडपम में डिजिटल पुस्तकालय और पुस्तक मेला का उद्घाटन करेंगे। भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद भी जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को ध्यान में रखकर यहां प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
यह मेला इस बार “बहुभाषी भारत एक जीवंत परंपरा” पर आधारित है। इससे भारत की भाषिक और सांस्कृतिक विविधता प्रदर्शित होगी। 1000 वर्गमीटर का थीम मंडप पुस्तकों, मुद्रित सामग्री, ई-मीडिया और ऐप के माध्यम से भाषाई अभिव्यक्तियों की विविधता को दिखाएगा।
भाषिनी एप्लिकेशन का उपयोग करने से सभी भाषाओं में आसानी से अनुवाद होता है, जो AI-चालित जीवन की सुविधा देता है और कोड स्विचिंग या बहुभाषी संस्कृति के लिए प्रसिद्ध देश में संचार को बढ़ावा देता है।
इस तरह पहुंचे
नेशनल बुक ट्रस्ट के निदेशक युवराज मलिक ने बताया कि पाठक प्रगति मैदान के प्रवेश द्वार 4, 6 और 10 से मेले में आ सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट नजदीकी मेट्रो स्टेशन है, जहां से 10 बजे प्रगति मैदान प्रवेश द्वार से शटल सेवा मिलेगी। द्वार चार और आठ में दिव्यांगजनों के लिएनेशनल इसके अलावा, प्रवेश द्वार चार और आठ में दिव्यांगजनों के लिए व्हीलचेयर की सुविधा उपलब्ध होगी।
सुबह नौ बजे काउंटर खुलेंगे।
वेलकम, दिलशाद गार्डन, रिठाला, जीटीबी नगर, विश्वविद्यालय, कश्मीरी गेट, राजीव चौक, नोएडा सेक्टर-52, नोएडा सिटी सेंटर, बॉटेनिकल गार्डन, वैशाली, इंद्रप्रस्थ, सुप्रीम कोर्ट, मंडी हाउस, कीर्ति नगर, द्वारका, मुनिरका, आईटीओ, आईएनए और हौजखास सहित 20 मेट्रो स्टेशनों पर टिकट खरीदने के स्थान हैं। पाठक सुबह ९ बजे से शाम ४ बजे तक टिकट खरीद सकते हैं। बच्चों के लिए टिकट दस रुपये हैं, जबकि वयस्कों के लिए २० रुपये हैं।
अतिथि देश की संस्कृति और भाषा को समझ सकेंगे।
सऊदी अरब मेले का अतिथि है। 400 वर्गमीटर का पवेलियन सऊदी अरब के प्रकाशकों की पुस्तकों से भरा होगा। पाठक अरब के साहित्य, भाषा, संस्कृति और लोक परंपरा को समझ सकेंगे। ब्रिटेन, फ्रांस, स्पेन, तुर्की, इटली, रूस, ताइवान, इरान, यूनाइटेड अरब अमीरात, ऑस्ट्रिया, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल और अन्य कई देशों के लोग मंच पर उपस्थित होंगे।
बच्चों के लिए अलग-अलग कार्यशालाएं होंगी
इस बार बाल मंडप में बच्चों के संवाद कौशल पर विशेष ध्यान दिया गया है। इनके लिए विशेष कार्यशालाएं होंगी, जिसमें कैलीग्राफी, समाचार लेखन, कैरीकेचर, कहानी लेखन, कला और शिल्प, खेल में गणित और अन्य विषयों का अभ्यास किया जाएगा।
राजस्थान-पंजाब कलाकारों का प्रदर्शन
नाटक, लोक प्रदर्शन, संगीत, बैंड प्रदर्शन आदि सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल हैं। राजस्थान और पंजाब के कलाकार इसमें भाग लेंगे। इसके अलावा, सऊदी अरब से कलाकार हर दिन शो करेंगे।
छह सौ सांस्कृतिक और साहित्यिक कार्यक्रम
45 हजार वर्ग मीटर में अब तक का सबसे बड़ा पुस्तक मेला होने जा रहा है। विभिन्न भाषाओं में एक हजार से अधिक प्रकाशकों की पुस्तकें इसमें उपलब्ध होंगी। द्विभाषी पुस्तकें और क्षेत्रीय भाषाओं की पुस्तकें भी मिलेंगी। 600 से अधिक साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
इस बार यह विशेष है
● ई-शिक्षा के प्रति उत्साह को देखते हुए राष्ट्रीय डिजिटल लाइब्रेरी शुरू होगी।
● देश के बच्चों के लिए ई-जादुई पिटारा बनाया जाएगा।
●इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर आर्ट ‘इंडिया द मदर ऑफ डेमोक्रेसी’ पर विशेष प्रदर्शनी का आयोजन होगा।



