
बिहार की बाढ़ की समस्या से निपटने और नदियों की गाद का सदुपयोग करने की वर्षों पुरानी मांग अब जमीन पर उतरने की दिशा में आगे बढ़ रही है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इस मांग पर केंद्र सरकार ने पहल की है। इसके तहत बिहार की विभिन्न नदियों से करीब चार लाख क्यूबिक मीटर गाद निकालने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
निकाली गई गाद का उपयोग भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसे बिहार के जल प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के प्रति आभार जताया है।
नीतीश की पुरानी मांग पर केंद्र का बड़ा कदम
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को दिल्ली से लौटने के बाद बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके आवास पर मुलाकात की।
इस दौरान उन्होंने नीतीश कुमार को बधाई दी और बिहार के विकास एवं सुशासन के उनके प्रयासों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में बिहार को विकसित राज्य बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
नदियों से निकलेगी चार लाख क्यूबिक मीटर गाद
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के साथ इस संबंध में समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया गया है।
इसके तहत बिहार की विभिन्न नदियों से करीब चार लाख क्यूबिक मीटर गाद निकाली जाएगी। गाद निकालने का काम मंत्रालय की ओर से किया जाएगा और निकाली गई गाद का उपयोग भी सुनिश्चित किया जाएगा। सरकार की उम्मीद है कि इससे नदियों की जलधारण क्षमता और जल प्रबंधन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
बाढ़ के साथ खेतों के कटाव से भी मिलेगी राहत
नदियों में लगातार गाद जमा होने से जल प्रवाह और जलधारण क्षमता प्रभावित होती है। इसका असर बाढ़ की स्थिति पर भी पड़ता है। ऐसे में गाद निकालने और उसके वैज्ञानिक प्रबंधन से बाढ़ नियंत्रण की कोशिशों को मदद मिल सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से बिहार में बाढ़ की समस्या से राहत मिलने के साथ खेतों की मिट्टी के कटाव को रोकने में भी सहायता मिलेगी। इसे किसानों के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।
बिहार में बनेंगे पांच नए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर
मुख्यमंत्री ने औद्योगिक विकास को लेकर भी केंद्र सरकार के सामने राज्य की मांग रखी है। गया में भाव्या योजना के तहत विकसित हो रहे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की तर्ज पर बिहार में पांच अन्य स्थानों पर भी औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने का आग्रह किया गया है।
मुजफ्फरपुर और दरभंगा के प्रस्ताव पहले ही केंद्र सरकार को भेजे जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि इन प्रस्तावों को जल्द स्वीकृति मिलेगी।
13 हजार एकड़ जमीन, एक हजार उद्योगों को आवंटन
सम्राट चौधरी ने बताया कि बिहार में उद्योगों के लिए करीब 13 हजार एकड़ भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। अब तक एक हजार से अधिक उद्योगों को जमीन आवंटित की जा चुकी है।
सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक निवेशकों और उद्यमियों को बिहार से जोड़ना है। इसके साथ ही पटना में कंट्रोल एस के नाम से डाटा सेंटर भी स्थापित किया गया है, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री ने स्वयं किया है।
अयोध्या से सीतामढ़ी तक सीधी रेल कनेक्टिविटी की मांग
रेल सुविधाओं को लेकर भी केंद्र सरकार के सामने बिहार की जरूरतें रखी गई हैं। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय रेल मंत्री से अयोध्या और सीतामढ़ी के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।
इससे भगवान श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या और माता सीता की जन्मस्थली सीतामढ़ी को सीधे रेल मार्ग से जोड़ने की दिशा में पहल होगी। धार्मिक पर्यटन और यात्रियों की सुविधा के लिहाज से इसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव माना जा रहा है।
दीपावली-छठ पर चलेंगी पिछले साल से अधिक स्पेशल ट्रेनें?
मुख्यमंत्री ने दीपावली और छठ के दौरान बिहार आने वाले यात्रियों की भीड़ को देखते हुए पिछले वर्ष की तुलना में अधिक विशेष ट्रेनें चलाने का आग्रह किया है।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 10 हजार से अधिक जोड़ी विशेष ट्रेनें चलाई गई थीं। इस बार इससे भी अधिक ट्रेनें चलाने का अनुरोध रेल मंत्री से किया गया है, ताकि त्योहारों के दौरान बिहार आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
इको-टूरिज्म और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को लेकर भी पहल
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर बिहार में प्रस्तावित इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति जल्द देने का आग्रह किया है।
साथ ही राज्य में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पीपीपी मोड पर आधुनिक सुविधाएं विकसित करने की अनुमति मांगी गई है। सरकार का कहना है कि औद्योगिक विकास, पर्यटन, आधारभूत संरचना और बाढ़ नियंत्रण को साथ लेकर बिहार को विकसित राज्य बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
नीतीश के सुशासन की परंपरा आगे बढ़ाने की बात
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार उनके विकास और सुशासन से जुड़े सपनों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई और कानून-व्यवस्था को मजबूत करना भी सरकार की प्राथमिकता बताया। इस दौरान उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे।



