मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार ने ‘मिशन रोजगार’ के तहत बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के युवाओं को 63,943 सरकारी नौकरियां दी हैं।

साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली), 30 जनवरी : आज मोहाली में विभिन्न विभागों में भर्ती किए गए 916 नए युवाओं को नियुक्ति पत्र देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये नियुक्तियां ‘मिशन रोजगार’ के तहत बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के सरकारी नौकरियां प्रदान करने के लिए ‘आप’ सरकार की प्रतिबद्धता को साबित करती हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 63,943 युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं और आने वाले दिनों में और भी युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे, जबकि पहले की सरकारों में योग्यता के बजाय रिश्वत और सिफारिशों के आधार पर नौकरियां दी जाती थीं।

X में आयोजित कार्यक्रम की कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह ने कहा, “आज मोहाली में विभिन्न विभागों के 916 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। उन्हें पूरी निष्ठा और ईमानदारी से पंजाब और यहां की जनता की सेवा करने की शुभकामनाएं दी गईं। अब तक 63,943 युवाओं को बिना रिश्वत या सिफारिश के सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। ‘मिशन रोजगार’ के तहत युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपने की प्रक्रिया आने वाले दिनों में भी बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी।”

विकास भवन में नव नियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक सभा को संबोधित किया और कहा कि दशकों से राज्य के लड़के-लड़कियों की प्रतिभा को सत्ता में बैठे लोगों के रिश्तेदारों और चहेतों ने दबा रखा था, जिसके कारण हजारों प्रतिभाशाली युवाओं के सपने चकनाचूर हो गए। उन्होंने कहा, “पहले पंजाब के युवाओं के अधिकारों को सत्ताधारी लोगों के चहेतों ने छीन लिया था। शहीद-ए-आजम भगत सिंह जैसे महान शहीदों को यह जानकर बहुत दुख हुआ होगा कि आजादी के 70 साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उनके सपने पूरे नहीं हुए। यह हम सबके लिए शर्म की बात है।”

मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि पदभार संभालने के बाद से उनकी सरकार देश के महान नायकों के सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां पिछली सरकारों ने शिक्षा और रोजगार के नाम पर धन की लूट की, वहीं उनकी सरकार ने युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के द्वार खोल दिए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में 63,943 युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नव नियुक्त उम्मीदवारों के लिए इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि विभिन्न विभागों में नौकरी पाने वाले इन युवाओं के लिए आज का दिन स्वर्णिम है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने पूरी पारदर्शिता के साथ 63,000 से अधिक सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराने का लक्ष्य पार कर लिया है। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत, केंद्र सरकार ऐसी शर्तों वाली योजनाएं ला रही है जो आम आदमी के लिए अनुकूल नहीं हैं।

अपनी सरकार की कल्याणकारी पहलों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि पंजाब सरकार ने ‘मुखमंत्री सेहत योजना’ शुरू की है, जो राज्य का सबसे बड़ा स्वास्थ्य सुधार कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि अब प्रत्येक पंजाबी परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पहले यह सीमा 5 लाख रुपये थी, जिसे अब दोगुना कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए बनाई गई इस योजना से लगभग 65 लाख परिवारों को लाभ होगा।

उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार ने पंजाब में 19 टोल प्लाजा बंद कर दिए हैं, जिससे आम आदमी को प्रतिदिन 64 लाख रुपये की बचत हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए राज्य भर में 881 आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं, जहां मुफ्त इलाज और दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि जुलाई 2022 से 90 प्रतिशत परिवारों को मुफ्त बिजली मिल रही है और इन सबके बावजूद विपक्ष सरकार के कार्यों की प्रशंसा करने के बजाय खामियां निकालने में व्यस्त है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब को महान खिलाड़ियों, जनरलों, समाजसेवियों और अन्य प्रसिद्ध हस्तियों की समृद्ध विरासत मिली है, जिन्होंने देश की सेवा में अपना खून-पसीना बहाया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जनहितैषी और विकासोन्मुखी पहलों के माध्यम से समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी कई सामाजिक समस्याओं की जड़ है और हम इस समस्या को जड़ से खत्म करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

राज्य सरकार की पारदर्शी भर्ती के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि सभी रिक्त पदों को सुचारू और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से शीघ्रता से भरा जाता है। उन्होंने कहा कि लगभग 64,000 पदों में से किसी भी नियुक्ति को किसी भी अदालत में चुनौती नहीं दी गई है, जो पंजाब सरकार के लिए गर्व की बात है क्योंकि ये सभी पद केवल योग्यता के आधार पर दिए गए हैं।

इस अवसर को एक यादगार क्षण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नव नियुक्त युवा अब पंजाब सरकार के परिवार का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के इतिहास में यह पहली बार है कि किसी सरकार ने मात्र चार वर्षों में 63,000 से अधिक पदों का रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार या भाई-भतीजावाद को दरकिनार करते हुए, सभी नियुक्तियां योग्यता के आधार पर की गई हैं। उन्होंने कहा कि हम अपने स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करने और पंजाब को एक प्रगतिशील राज्य बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पानी, बुनियादी ढांचा और कानून व्यवस्था उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हम राज्य और यहां की जनता के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं युवाओं से अपील करता हूं कि वे पूरी पेशेवर प्रतिबद्धता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें और जनता की सेवा के लिए अपनी कलम का बुद्धिमानी से उपयोग करें।

इस बीच, नव नियुक्त उम्मीदवारों में से, रूपनगर की नव नियुक्त डॉ. पूजा ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि राज्य सरकार का हिस्सा बनना उनके लिए गर्व की बात है। मुक्तसर साहिब की जसनप्रीत कौर ने भर्ती अभियान के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया और कहा कि सरकार ने युवाओं को खुद को साबित करने के पर्याप्त अवसर प्रदान किए हैं।

अमृतसर की डॉ. दमनप्रीत कौर ने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया का पूरा श्रेय राज्य सरकार को जाता है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब किसी सरकार ने जनता से किए गए सभी वादे पूरे किए हैं। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार द्वारा पूरी भर्ती प्रक्रिया योग्यता के आधार पर की गई है, जिससे योग्य युवाओं को खुद को साबित करने के उचित अवसर मिले हैं।

मोगा के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. कमलप्रीत सिंह ने कहा कि सरकार पशुपालन विभाग और किसानों के बीच की खाई को पाट रही है। उन्होंने कहा कि मुझे यह नौकरी पूरी तरह से योग्यता के आधार पर एक पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से मिली है। उन्होंने कहा कि जब निष्पक्ष अवसर मिलता है, तो मेहनत का फल अवश्य मिलता है। सहकारिता निरीक्षक जसप्रीत कौर ने कहा कि उन्हें बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के दूसरी सरकारी नौकरी मिली है। उन्होंने पूरी निष्ठा से अपना कर्तव्य निभाने का वादा किया।

डॉ. मुकेश ने कहा कि यह उनकी तीसरी सरकारी नौकरी है। भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि परीक्षा के बाद उन्होंने अपना ईमेल भी नहीं देखा। उन्होंने आगे कहा कि मेरी मां का उचित इलाज न मिलने के कारण निधन हो गया और मैं यह नौकरी उन्हें और पंजाब की जनता की सेवा को समर्पित करती हूं। अमृतसर की स्टाफ नर्स तमन्ना ने कहा कि यह नियुक्ति उनके और उनके परिवार के लिए एक सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के लिए पंजाब सरकार की प्रशंसा की।

इस अवसर पर मंत्रिमंडल मंत्री डॉ. बलबीर सिंह, गुरमीत सिंह खुदियां और अन्य लोग उपस्थित थे।

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