‘वीडियो बनाने से सच नहीं बदलेगा…’ श्रद्धा दुबे की सफाई पर छलका मां का दर्द, बोली- कोर्ट से मिलेगा न्याय

लखनऊ के चर्चित शिवा शर्मा हत्याकांड में पुलिस ने मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे समेत सभी आरोपियों पर इनाम की राशि बढ़ाकर 50000 रुपये कर दी है. इसके साथ ही कोर्ट ने इस मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किया है. तो वहीं इस केस की मुख्य आरोपी और फरार श्रद्धा दुबे ने भी कोर्ट में सरेंडर अर्जी डाली है. इतना ही नहीं श्रद्धा ने बीते दिन मीडिया से बात करते हुए खुद को बेगुनाह बताया है और उन्होंने शिवा की मौत को लेकर कहा है कि उसने खुद उसके सामने बिल्डिंग से कूंदकर आत्महत्या की थी.
पुलिस की जांच पर उठाए सवाल
श्रद्धा दुबे के क्या हैं दावे?
शिवा शर्मा हत्याकांड में फरार चल रही श्रद्धा दुबे ने बीते दिन मीडिया से बातचीत का एक वीडियो जारी किया है. जिसमें उन्होंने खुद पर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है . उनका दावा है कि शिवा की हत्या नहीं हुई, बल्कि उसने बिल्डिंग की चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या की थी. उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए मांग की है कि पुलिस उस बिल्डिंग में लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग को भी चेक करे, सीसीटीवी में कैद तस्वीरों से वह बेगुनाही साबित हो सकती है.
कर्ज और गहनों का लगाया आरोप
श्रद्धा ने दावा किया है कि वह शिवा को चार महीने से जानती थी. उसने आरोप लगाया है कि शिवा पर 16 से 17 लाख रुपये का कर्ज था. जिसके कारण वह बहुत परेशान रहता था. श्रद्धा का यह भी कहना है कि शिवा करीब एक महीने पहले उसके घर से 5 से 6 लाख रुपये के गहने ले गया था. हालांकि श्रद्धा के इन दावों की अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और शिवा की मां ने भी इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है.
अस्पताल से भागने पर दी सफाई
घटना वाले दिन अस्पताल से गायब हो जाने को लेकर श्रद्धा ने सफाई दी है कहा हादसे के बाद वह गहरे सदमे में थी. शिवा को जब अस्पताल ले जाया गया, तो उसे खुद सांस लेने में तकलीफ हो रही थी. इसके अलावा उसने दावा किया है कि अस्पताल में उसके ड्राइवर के साथ मारपीट हुई थी.
वायरल तस्वीरों पर जताई आपत्ति
श्रद्धा ने सोशल मीडिया पर अपनी पुरानी और अलग-अलग लोगों के साथ तस्वीरें वायरल होने पर भी आपत्ति जताई है. उसने किसी भी कथित डायरी से जुड़े खुलासे को नकार दिया है और अपील की है कि इस मामले में उसकी बहन का नाम न घसीटा जाए, क्योंकि उसे घटना के बारे में कुछ भी नहीं पता है. श्रद्धा ने पुलिस से अपील की है कि जांच पूरी होने से पहले किसी को भी दोषी न माना जाए.



