श्रद्धा दुबे, रश्मि और ड्राइवर दानिश को कोर्ट ने 24 अक्टूबर तक ट्रांजिट रिमांड पर भेजा, अब खुलेंगे शिवा शर्मा की मौत के राज?

लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में आरोपी श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश को अदालत से ट्रांजिट रिमांड मिल गई है. नागपुर जिला एवं सत्र अदालत ने तीनों आरोपियों को 24 अक्टूबर तक यानी 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर उत्तर प्रदेश पुलिस को सौंपने की मंजूरी दी है. अदालत की अनुमति और जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद पुलिस तीनों को सड़क मार्ग से नागपुर से लखनऊ लेकर रवाना हो गई है. अब लखनऊ में उनसे पूछताछ की जाएगी. पुलिस को उम्मीद है कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान शिवा शर्मा की मौत से जुड़े घटनाक्रम और उनकी फरारी के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है.

पेशी के बाद मिली ट्रांजिट रिमांड

बुधवार दोपहर करीब 2:30 बजे श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और दानिश को नागपुर जिला अदालत में मजिस्ट्रेट एसडी कामत की अदालत में पेश किया गया. सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस ने तीनों को लखनऊ ले जाने के लिए ट्रांजिट रिमांड की मांग की. अदालत ने पुलिस की मांग स्वीकार करते हुए 24 अक्टूबर तक रिमांड मंजूर कर दी. इसके बाद जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं और सुरक्षा के बीच तीनों को लखनऊ लाने की प्रक्रिया शुरू हुई. इससे पहले मंगलवार रात को ही उनकी पेशी होनी थी, लेकिन कानूनी और कागजी कार्रवाई में देरी के चलते ऐसा नहीं हो सका. हिरासत में लिए जाने के बाद आरोपियों को पहले बेलतरोड़ी थाने ले जाया गया था. वहां लॉकअप की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण देर रात श्रद्धा को हुड़केश्वर पुलिस थाने में शिफ्ट करना पड़ा था.

अवध ग्रीन अपार्टमेंट में हुई थी शिवा शर्मा की मौत

यह पूरा मामला 9 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के अवध ग्रीन अपार्टमेंट में कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से जुड़ा है. बताया गया था कि शिवा अपने फ्लैट से नीचे गिर गया था, जिसके बाद उसकी मौत को लेकर सवाल उठने लगे. शिवा के परिवार ने उसकी लिव-इन पार्टनर श्रद्धा दुबे पर गंभीर आरोप लगाए. परिवार की ओर से दावा किया गया कि श्रद्धा ने सोशल मीडिया के जरिए शिवा से संपर्क बढ़ाया और बाद में उसे कथित तौर पर ब्लैकमेल करने लगी. शिवा की बहन के मुताबिक 2 जून को शिवा ने रोते हुए उसे बताया था कि श्रद्धा उसे लगातार परेशान कर रही है. इन आरोपों के सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी. हालांकि, मौत से जुड़ी परिस्थितियों और आरोपों की पुष्टि जांच के आधार पर होनी बाकी है.

सीतापुर से नेपाल बॉर्डर तक तलाश में जुटी थी पुलिस

शिवा की मौत के बाद श्रद्धा की तलाश में पुलिस की टीमें कई जगहों पर सक्रिय थीं. जांच का दायरा लखनऊ से सीतापुर और लखीमपुर होते हुए भारत-नेपाल सीमा तक पहुंच गया था. इस दौरान भारत-नेपाल सीमा के पास रुपईडीहा इलाके में श्रद्धा की स्कॉर्पियो कार लावारिस हालत में बरामद हुई थी. इसके बाद आशंका जताई गई कि श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश नेपाल भागने की कोशिश कर रहे थे. नेपाल के महीम नगर से कुछ सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए थे, जिनमें तीन लोग सड़क पार करके बस स्टेशन की ओर जाते दिखाई दिए थे. पुलिस इन सुरागों के आधार पर उनकी गतिविधियों का पता लगाने में जुटी थी. क्राइम ब्रांच और हजरतगंज थाने की टीमें भी तलाश में लगी हुई थीं.

लखनऊ में पूछताछ से खुल सकते हैं कई सवालों के जवाब

अब तीनों आरोपियों को लखनऊ लाए जाने के बाद पुलिस शिवा शर्मा की मौत से जुड़े घटनाक्रम की विस्तार से पड़ताल करेगी. जांचकर्ताओं के सामने यह स्पष्ट करना अहम है कि घटना से पहले क्या हुआ था, परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और मौत के बाद तीनों नागपुर तक कैसे पहुंचे. पुलिस उनकी फरारी के रास्ते, अलग-अलग स्थानों पर ठहरने और कथित तौर पर नेपाल जाने की कोशिश से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर सकती है. फिलहाल अदालत से मिली ट्रांजिट रिमांड के बाद तीनों को उत्तर प्रदेश लाया जा रहा है. मामले में आगे की स्थिति पूछताछ और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों पर निर्भर करेगी.

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