हेड कांस्टेबल और सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान 29 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति मिली

लोकायुक्त पुलिस ने बुधवार को मध्य प्रदेश के इंदौर और देवास जिलों में एक हेड कांस्टेबल और उसके करीबी सहयोगियों के परिसरों पर छापा मारा और लगभग 29.73 करोड़ रुपये की बाजार कीमत वाली संपत्तियों का पता लगाया।

पुलिस उपाधीक्षक सुनील तलन ने बताया कि इंदौर के पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज में ड्राइवर के तौर पर तैनात हेड कांस्टेबल फिरोज खान (48) के खिलाफ शिकायत मिली थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि वह लंबे समय से ड्यूटी से अनुपस्थित था और पुलिस विभाग में अपने पद का इस्तेमाल करके विवादित संपत्तियों की खरीद-बिक्री में कथित रूप से शामिल था।

खान के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक संशोधन अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उन्होंने बताया कि इन संपत्तियों की खरीद में मिलीभगत के लिए रोशनी वर्मा नाम की एक महिला को भी मामले में आरोपी बनाया गया है।

तलान ने कहा कि छापेमारी के दौरान अब तक 33 अचल संपत्तियों की पहचान की गई है।

उनका मौजूदा बाजार मूल्य करीब 29.73 करोड़ रुपये आंका गया है। इनमें खान और वर्मा के नाम पर खरीदी गई संपत्तियां शामिल हैं, साथ ही हेड कांस्टेबल की पत्नी और मां के नाम पर भी खरीदी गई संपत्तियां शामिल हैं, जबकि कुछ संपत्तियां बेनामी हैं।

तलान ने कहा कि पुलिस विभाग में अपनी 24 वर्षों की सेवा के दौरान खान की वेतन आय लगभग 75 लाख रुपये होने का अनुमान है, और अन्य स्रोतों से जोड़े जाने पर उनकी कुल वैध आय लगभग 1.94 करोड़ रुपये है।

छापेमारी के दौरान आरोपियों के घरों से ट्रक और कारों सहित नौ वाहनों से संबंधित दस्तावेज जब्त किए गए। उनके नाम पर इक्कीस बैंक खाते भी खोजे गए थे। इन खातों से निकासी पर रोक लगा दी गई है।

तलान ने कहा कि जांच में आरोपियों से जुड़ी पांच निजी कंपनियों के सुराग भी मिले हैं और विस्तृत जांच चल रही है।

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