2 पंडित, पत्नी और बेटे की हत्या करने वाले अरविंद सिंह की दो बेटियों को SSP आजमगढ़ अनिल कुमार लेंगे गोद

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के शंभूपुर गांव में हुआ खौफनाक हत्याकांड लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. बीते सोमवार को एक परिवार में भाई की आत्मा की शांति के लिए किए जा रहे पूजा के दौरान ऐसा विवाद खड़ा हुआ कि एक पूरा परिवार ही उजड़ गया. घर के सदस्य अरविंद सिंह ने पूजा के बीच अपनी पत्नी समेत दो पड़ितों की गोली मारकर हत्या कर दी. फिर उसने अपने तीन बच्चों को कमरे में बंद करके बंधक बना लिया.
अनाथ बेटियों को SSP ने लिया गोद
शंभूपुर गांव में हुई दिल दहला देने वाली वारदात में गोलीबारी के दौरान दो पड़ित और आरोपी अरविंद की पत्नी की मौत हो गई थी. बाद में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी अरविंद भी मारा गया. इस त्रासदी के बाद घर में केवल उसकी बुजुर्ग मां और दो मासूम बेटियां ही बची हैं.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान आरोपी के बेटे की मौत को लेकर यह सवाल उठ रहा था कि गोली किसकी थी. पुलिस ने डॉक्टरों के पैनल द्वारा की गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी के आधार पर स्थिति साफ की है.
ATS की एंट्री और खौफनाक एनकाउंटर
घटना की रात पुलिस ने करीब 7 से 8 घंटे तक आरोपी अरविंद से बातचीत कर उसे सरेंडर कराने की कोशिश की थी. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए यूपी एटीएस (ATS) की टीम को भी मौके पर बुलाया गया था. अचानक कमरे के अंदर से गोली चलने की आवाज आई जहां अरविंद ने अपने बेटे को गोली मार दी थी और बाकी बच्चों को भी मारने की धमकी दे रहा था. एसएसपी ने बताया कि अगर पुलिस एक सेकंड भी गंवाती तो वह बाकी बच्चों को भी मार देता. इसी डर से पुलिस ने तुरंत दरवाजा तोड़ा.
जवाबी कार्रवाई में मारा गया आरोपी
कमरे में दाखिल होते ही आरोपी ने पुलिस टीम पर भी फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अरविंद ढेर हो गया जिसके बाद दो मासूम बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका. आरोपी के पास से .32 बोर की रिवॉल्वर और 18 जिंदा कारतूस मिले. यह हथियार वर्ष 2007 में उसके मृत भाई के नाम पर जारी हुआ था जो बाद में वारिसान के आधार पर अरविंद को ट्रांसफर हुआ था.



