Hydrosalpinx बीमारी महिलाओं में क्यों होती है और आयुर्वेद में इसका क्या इलाज है?

Hydrosalpinx: जब किसी महिला को फैलोपियन ट्यूब में ब्लॉकेज की समस्या होती है, तो बच्चा कंसीव करना भी मुश्किल होता है। चिकित्सा में इस स्थिति को Hydrosalpinx कहा जाता है। इस बीमारी का आयुर्वेदिक उपचार भी हो सकता है। स बारे में डॉक्टर से जानते हैं।
Hydrosalpinx: बच्चा कंसीव होने के बाद कुछ महिलाओं को मिसकैरेज हो जाता है। इस तरह की समस्याएं कई कारणों से हो सकती हैं, लेकिन फैलोपियन ट्यूब के ब्लॉक होने के कुछ मामलों में भी इस तरह की समस्याएं हो सकती हैं। ऐसी कई महिलाएं हैं जिनकी ट्यूब ब्लॉक है, लेकिन वे नहीं जानती हैं। इससे कई समस्याएं पैदा होती हैं और ये मिसकैरेज का कारण भी बन सकते हैं। मेडिकल साइंस में हाइड्रोसालपिनक्स बीमारी फैलोपियन ट्यूब में ब्लॉक होना है। ये क्यों होती है और क्या आयुर्वेद में भी इसका इलाज है? इस बारे में एक्सपर्ट से जानते हैं।
डॉ. चंचल शर्मा, एक स्त्री रोग विशेषज्ञ और आयुर्वेदिक चिकित्सक, ने बताया कि एक महिला उनके पास बांझपन के इलाज के लिए आई थी। उसकी शादी को आठ वर्ष हो चुके थे। कई बार गर्भधारण की योजना बनाई, लेकिन कभी नहीं माँ बन पाई। महिला ने कुछ साल पहले पहली बार कन्सीव किया था, लेकिन यह मिसकैरेज हुआ था। परीक्षण ने बताया कि महिला की फैलोपियन ट्यूब टूट गई थी। इसलिए वह नैचुरली कन्सीव नहीं कर पाई। बल्कि उन्हें आईवीएफ का सहारा लेना पड़ा। लेकिन कंसीव करना मुश्किल था। महिला ने इसलिए आयुर्वेद का सहारा लिया।
आयुर्वेद से बीमारा का हुआ इलाज
डॉय चंचल शर्मा ने बताया कि महिला ने उनका भरोसा दिलाया कि वह बिना किसी सर्जरी के माँ बन सकती है, मेडिकल हिस्ट्री और पुराने रिपोर्ट्स को देखते हुए। उनका इलाज तीन महीने तक भोजन, थेरेपी और आयुर्वेदिक दवाओं से किया गया। इलाज से महिला की ट्यूब्स खुल गईं। लेकिन इसके बाद उनके सामने एक चुनौती आई: गर्भपात के खतरे को कम करना। उन्होंने दो महीने तक दवाइओं और एक्सरसाइज से उन्हें गर्भधारण के लिए तैयार किया. जब स्थिति बिलकुल सामान्य हो गई तो महिला ने गर्भधारण के लिए प्रयास किया और सफलता भी मिली
आयुर्वेद में है बांझपन का भी इलाज
डॉय चंचल शर्मा बताती है कि आयुर्वेदिक इलाज से उन्होंने कई ऐसे नाउम्मीद कपल्स को संतानसुख दिया हैय उनका मानना है की आयुर्वेदा कोई चमत्कार नहीं करता है बल्कि यह एक चिकित्सा पद्धति है जो पौराणिक काल से चलता आ रहा है. इसलिए निःसंतानता से निराश होने की जरुरत नहीं है क्यूंकि इसका इलाज संभव है.



