
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट में 53 पन्नों का जवाब दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दाखिल किया है। ईडी के हलफनामे में उठाए गए सभी आरोपों का विस्तार में जवाब देते हुए, उन्होंने अपने उत्तर में ED की प्रणाली पर सवाल उठाया है। बीजेपी पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी ने खुद के सबूत पेश किए हैं।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED के लगाए गए आरोपों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब फाइल किया है। 21 मार्च को अरविंद केजरीवाल को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था, जो वर्तमान में तिहाड़ जेल में बंद हैं। इस मामले में अरविंद केजरीवाल के अलावा आम आदमी पार्टी के कई प्रमुख नेता शामिल हैं।
ईडी ने दिल्ली शराब नीति मामले में हुई गड़बड़ी में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगाया है। केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट को 53 पन्नों का उत्तर दिया है। केजरीवाल ईडी ने दाखिल किए गए हलफनामे में लगाए गए सभी आरोपों का जवाब इस उत्तर में दिया गया है। केजरीवाल ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि चार गवाहों के बयान के आधार पर ED ने गिरफ्तारी की है।
चारों गवाहों का बीजेपी से संबंध है।
केजरीवाल ने चारों गवाहों पर चर्चा करते हुए कहा कि वे बीजेपी से जुड़े हैं। इन गवाहों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि मागुंता श्रीनिवास रेड्डी बीजेपी के समर्थन से लोकसभा प्रत्याशी हैं; दूसरा गवाह सरथ रेड्डी था जिन्होंने बीजेपी को 60 करोड़ रुपये का शराब घोटाले में चंदा दिया; तीसरे गवाह में गोवा के वरिष्ठ बीजेपी नेता सत्य विजय का नाम था जो प्रमोद सावंत के करीबी थे; और चौथा गवाह गोवा के मुख्यमंत्री के करीबी और केजरीवाल ने कहा कि ईडी को एक गुजराती डायरी हवाला एजेंट से मिली है. उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले बीजेपी ने अपने हिसाब से सबूत बनाए और फिर बाद में उसी को पेश कर दिया है.
ED की कार्यप्रणाली पर उठाया प्रश्न
प्रवर्तन निदेशालय की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर जेल में बंद अरविंद केजरीवाल ने कोर्ट में जवाब देते हुए ईडी के सभी आरोपों से इनकार कर दिया। साथ ही, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के 2023 में पंकज बंसल मामले में दिए गए फैसले का हवाला देते हुए ED की व्यवस्था पर सवाल उठाया है। ईडी के हलफनामे में लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए, ईडी ने पेश किए गए सबूत में कोई साबित नहीं है कि केजरीवाल किसी भी तरह से इस मामले में शामिल है।
ईडी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा गया कि पंकज बंसल मामले में अदालत ने ईडी को गैर-नकारात्मक, निष्पक्ष, पारदर्शी और ईमानदारी की शर्तों पर काम करना ताकीद किया था। गिरफ्तारी को लेकर ED की कार्रवाई को विरोध करने का दावा किया गया है। ईडी ने केजरीवाल पर लगाए गए असहयोग के आरोप का जवाब देते हुए कहा कि केवल असहयोग के आधार पर गिरफ्तारी नहीं की जा सकती है, जबकि हर एक समन का जवाब दिया गया था.



