CM Mohan Yadav का बड़ा ऐलान, ऐतिहासिक द्वार भोपाल के प्रमुख मार्गों पर महापुरुषों के नाम से बनाएंगे

CM Mohan Yadav ने कहा कि भोपाल का अतीत गौरवपूर्ण है। उसके प्रदर्शन की जरूरत है। ताकि नई पीढ़ी ज्ञान प्राप्त कर सके। हम अतीत से जुड़े हैं। उनका कहना था कि सरकार जल्द ही यहां के मुख्य मार्गों पर वीर शासकों के नाम से द्वार बनाएगी।
मध्य प्रदेश के CM Mohan Yadav ने भोपाल को राज्य की राजधानी बनाने का फैसला किया है। उन्होंने घोषणा की कि शहर के मुख्य मार्गों पर महापुरुषों के नाम से द्वार बनाए जाएंगे। CM Mohan Yadav का उद्देश्य इतिहास को जीवंत करना है ताकि नई पीढ़ी इससे प्रेरणा ले सके। मुख्यमंत्री डॉ यादव सम्राट विक्रमादित्य-राजा भोज के नाम पर द्वार बनाना चाहते हैं ताकि भविष्य में भी इतिहास की यादें सुरक्षित रह सकें।
CM Mohan Yadav के इस आदेश से राज्य की राजधानी स्पष्ट रूप से बदल जाएगी। इसकी प्रमुख सड़कों से गुजरते हुए हर किसी को प्रदेश के महापुरुषों और वीर शासकों से जुड़ी यादें ताजा हो जाएंगी। मध्य प्रदेश सरकार जल्द ही भोपाल की प्रमुख सड़कों पर महापुरुषों के नाम से द्वार बनाने जा रही है। उनका उद्देश्य प्रदेश के गौरवशाली इतिहास की यादों को जीवंत बनाना है।
भोपाल समेत मध्यप्रदेश की पहचान हमारे वीर शासकों से रही है…
हमारी सरकार ने निर्णय लिया है कि गौरवशाली अतीत को जन-जन तक पहुंचाते हुए, राजधानी के सभी प्रमुख मार्गों पर महापुरुषों के नाम से द्वार बनाएं जाएंगे। pic.twitter.com/1eGRn2i1EK
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) March 4, 2025
मध्य प्रदेश का नाम वीर शासकों से लिया गया है
CM Mohan Yadav ने कहा कि भोपाल और मध्यप्रदेश के वीर शासकों से उनकी पहचान रही है। 2100 साल पहले, सम्राट विक्रमादित्य एक चक्रवर्ती राजा था। उन्हें सुशासन, न्याय, वीरता, ज्ञान, दानशीलता, धैर्य, पराक्रम और पराक्रम से जाना जाता है।
गौरवशाली अतीत से प्रेरणा मिलनी चाहिए
CM Mohan Yadav ने कहा कि एक हजार साल बाद भी राजा भोज एक विशिष्ट शासक रहे हैं। भोपाल उनसे अलग है। उन्होंने बड़ा तालाब जैसी कई रचनाएं की। उनकी ये रचनाएं आज भी इतिहास को जीवंत करती हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल का गौरवशाली अतीत बताया। उस अतीत को सामने लाना होगा। राजधानी के महत्वपूर्ण मार्गों पर वीर शासकों के नाम से दरवाजे बनाए जाएंगे। यह फैसला हमें उस दौर में ले जाएगा, जिससे हमारा मध्यप्रदेश और देश गौरवांवित हुआ है।



