CM Mohan Yadav ने केबिनेट बैठक के पहले की मंत्रियों से चर्चा

CM Mohan Yadav: अनुपूरक बजट का 31 मार्च तक किया जाए समुचित उपयोग
CM Mohan Yadav ने कहा है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में विभागवार निर्धारित की गई राशि के नियमानुसार और समुचित व्यय के संबंध में सभी मंत्री विभाग स्तर पर विभागीय सचिवों और विभागाध्यक्षों के साथ बैठकें आयोजित करें। इन बैठकों में मदवार स्वीकृत राशि के व्यय और बेहतर क्रियान्वयन के संबंध में रणनीति भी तैयार करें। साथ ही केन्द्रांश की भी सतत मॉनीटरिंग की जाए। CM Mohan Yadav ने मंत्रालय में केबिनेट बैठक के पहले मंत्रियों से चर्चा में कहा कि विभिन्न विभागों को केपिटल मद में अनुपूरक बजट में स्वीकृतियां दी गई हैं। जल संसाधन, लोक निर्माण, नर्मदा घाटी विकास, ऊर्जा, कृषि, नगरीय विकास और आवास, वन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, उच्च शिक्षा, नवकरणीय ऊर्जा, ग्रामीण विकास और खाद्य विभाग द्वारा 31 मार्च तक अनुपूरक बजट में स्वीकृत राशि के नियमानुसार और समुचित रूप से उपयोग की व्यवस्था की जाए। केपिटल मद में 11 हजार 317 करोड़ और रेवेन्यू मद में 7 हजार 889 करोड़ रूपए अनुपूरक में स्वीकृत किए गए हैं।
30 मार्च से 30 जून तक चलेगा जल गंगा सवंर्धन अभियान 2025
CM Mohan Yadav ने जल गंगा संवर्धन अभियान-2025 का उल्लेख करते हुए कहा कि गुड़ी पड़वा 30 मार्च से 30 जून तक अभियान के अंतर्गत जल स्त्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन का कार्य किया जाएगा। जलाशयों की सफाई, पौधे लगाने, छोटी नदियों, तालाबों और अन्य जल संरचनाओं के संरक्षण के कार्य किए जाएंगे। इन कार्यों में आमजन की भागीदारी भी रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में गत वर्ष इस अभियान में लगभग एक हजार करोड़ रूपए की लागत से 38 हजार से अधिक कार्यों का क्रियान्वयन किया गया। इसके अलावा लगभग 300 करोड़ रूपए की लागत से 21 हजार से अधिक जीर्णोद्धार और सुधार कार्य किए गए। गत वर्ष नगरीय क्षेत्रों में भी जल संरचनाओं की कार्य क्षमता में वृद्धि हुई। लगभग 6.40 लाख घन मीटर गाद निकाली गई। जल संचयन में सुधार हुआ। विभिन्न जल संरचनाओं में 30 लाख घन मीटर क्षमतावर्धन में सफलता मिली। पर्यावरण-संरक्षण के लिए जल संरचनाओं के किनारे वृहद पौधरोपण भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बतायाकि इस वर्ष भी अभियान में विभाग मिलकर कार्य करेंगे। मुख्य रूप से पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय विकास एवं आवास, जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास, पर्यावरण, वन, संस्कृति और कृषि जैसे विभागों की सक्रिय सहभागिता रहेगी। CM Mohan Yadav ने अभियान की सफलता के लिए मंत्रीगण को विभागीय स्तर और प्रभार के जिलों में सतत समीक्षा करने को कहा।
गेहूं का उपार्जन
CM Mohan Yadav ने जानकारी दी कि प्रदेश में 15 मार्च से गेहूं का उपार्जन प्रारंभ हो गया है। अब तक 10 लाख से अधिक किसान पंजीयन करवा चुके हैं। पंजीयन की प्रक्रिया 31 मार्च तक चलनी है। प्रदेश में 2691 उपार्जन केन्द्र स्थापित किए गए हैं। अब तक 1827 मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है। प्रदेश सरकार किसानों को प्रति क्विंटल 175 रूपए बोनस के रूप में दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण से प्रभार के जिलों में गेहूं उपार्जन कार्य की सतत समीक्षा करने के निर्देश दिये।



