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UP News: योगी कैबिनेट ने GCC को मंजूरी दी, यूपी बनेगा ग्लोबल सेवा का हब, दो लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा

UP News: यूपी अंतरराष्ट्रीय सेवाओं का हब बनेगा। इससे दो लाख युवा लोगों को काम मिलेगा। यूपी की योगी कैबिनेट ने ग्लोबल केपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) नीति को मंजूरी दी। इसके केंद्र कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज में बनेंगे।

UP News: योगी सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को विश्वस्तरीय सेवाओं का हब बनाना है। इससे उत्तर प्रदेश में दो लाख लोगों को काम मिलेगा। ग्लोबल केपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) नीति को मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी गई। यह एक वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश को भारत का अगला वैश्विक सेवा केंद्र बनाना चाहता है। नई नीति से बड़े पैमाने पर निवेश करने के लिए आईटी, बैंकिंग, हेल्थकेयर, इंजीनियरिंग और अगली पीढ़ी की तकनीकों में काम करने वाली वैश्विक कंपनियों को आकर्षित किया जाएगा।

प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास आलोक कुमार ने कहा कि प्रदेश में बहुत बड़ा टैलेंट है, जिसमें साइंस, लॉ और इंजीनियरिंग शामिल हैं। यहीं पर बहुत सी बहुराष्ट्रीय कंपनियां अपने ऑफशोर डवलपमेंट सेंटर्स स्थापित कर रही हैं, जिससे वे कम खर्च में बेहतर क्वालिटी का उत्पादन कर सकें। ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर इसका नाम है। इसमें पहले नंबर पर सॉफ्टवेयर और आईटी आता है, जिसमें मशीन लर्निंग, क्लाउड कंप्यूटिंग, रोबोटिक प्रॉसेस ऑटोमेशन, एआई संचालित डवलपमेंट, साइबर सुरक्षा, इंजीनियरिंग डवलपमेंट आते हैं। हम उच्च गुणवत्ता और कम लागत में इंजीनियरिंग डिजाइन कर सकते हैं क्योंकि इसमें कई एलीमेंट हैं जो बहुत समय और खर्च लेते हैं।

कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी में खुलेगा

उन्हें बताया कि इसी प्रकार मल्टीनेशन कंपनियां भारत आ रही हैं और बैंक्स, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस सेक्टर में बहुत सारे काम आउटसोर्स कर रहे हैं। इसी तरह कई कंपनियां ऑटोमोटिव, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमी कंडक्टर विनिर्माण क्षेत्रों से यहां आई हैं। इन जीसीसी में उनके सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का एक बड़ा हिस्सा होगा। उनका कहना था कि आज भारत में लगभग 1700 जीसीसी हैं और इनका तेजी से विस्तार होना चाहिए। माइक्रोसॉफ्ट ने अभी नोएडा में 10 हजार सीटर विकास केंद्र का शिलान्यास किया है। एमक्यू ने तीन हजार सीटर का इंजीनियरिंग विकास केंद्र भी बनाया है। हम इन सेंटर्स को दिल्ली, नोएडा, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज जैसे शहरों में लाने की व्यवस्था करनी है।

देश का सबसे आकर्षक प्रोत्साहन कार्यक्रम

योगी सरकार ने लागू की यह नीति देश में सबसे प्रतिस्पर्धी और समर्पित है। इसमें संचालन से कौशल विकास तक हर स्तर पर निवेशकों को व्यापक सहायता मिलेगी। किराया, बिजली, बैंडविड्थ और डेटा सर्विस पर 20% ऑपरेशनल सब्सिडी, ₹80 करोड़ तक मिलेगी। वहीं, पेरोल सब्सिडी के तहत यूपी के कर्मचारियों के वेतन पर प्रतिवर्ष ₹1.8 लाख की प्रतिपूर्ति मिलेगी।

नए ग्रेजुएट्स को भर्ती करने पर ₹20000 और इंटर्नशिप पर ₹5000 प्रति माह की सहायता प्राप्त होगी। सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए ईपीएफ, ट्रेनिंग और अनुदान विशेष प्रावधान हैं। वहीं, एसजीएसटी की प्रतिपूर्ति, जमीन और स्टांप ड्यूटी में छूट, पूंजी और ब्याज पर सब्सिडी भी शामिल हैं। इन्वेस्ट यूपी एक विंडो सिस्टम के माध्यम से सभी स्वीकृतियां ऑनलाइन और आसान होंगी।

दो लाख नई नौकरियों का रास्ता साफ

इस नीति के लागू होने से आईटी, एनालिटिक्स, HR, कस्टमर सपोर्ट और फाइनेंस जैसे क्षेत्रों में दो लाख से अधिक रोजगार पैदा होंगे। साथ ही, विदेशी निवेश भी तेजी से राज्य में आ जाएगा। इससे न केवल शहरी बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी आर्थिक विकास को गति मिलेगी। महिलाओं, एससी/एसटी, ट्रांसजेंडरों और दिव्यांगजनों के लिए जीसीसी नियमों में अधिक अवसर प्रदान किए जाते हैं। इसके अलावा, स्टार्टअप्स को आइडिएशन, पेटेंट और रिसर्च के लिए भी भरपूर मदद दी जाएगी।

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