UP News: यूपी में साढ़े चार लाख प्राइमरी शिक्षकों को बड़ा तोहफा, नौ साल बाद तबादले हो सकेंगे; आदेश जारी

UP News: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने चार लाख से अधिक प्राइमरी शिक्षकों को बड़ा तोहफा दिया। नौ वर्ष बाद आम तबादले का आदेश जारी किया गया। अब इससे बाहर और अंदर तबादले कराए जा सकेंगे।
UP News: पारस्परिक स्थानांतरण के बाद यूपी की योगी सरकार ने अब राज्य के लाखों शिक्षकों को सामान्य ट्रांसफर का भी बड़ा तोहफा दिया है। अब जिले के भीतर और बाहर शिक्षकों का सामान्य स्थानांतरण भी आदेशित किया गया है। शुक्रवार को सरकार ने आम तबादले का आदेश दिया। इससे पहले, 2016 में शिक्षकों का सामान्य स्थानांतरण जिले के अंदर हुआ था, जबकि 2023 में शिक्षकों का सामान्य स्थानांतरण जिले से बाहर हुआ था।
बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों और शिक्षिकाओं को शैक्षिक सत्र 2025-26 में स्वेच्छा से स्थानांतरित करने का आदेश दिया गया है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली चार सदस्यीय समिति के अनुमोदन के बाद यह कार्य किया जाएगा। डीएम, मुख्य विकास अधिकारी, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के प्राचार्य और बेसिक शिक्षा अधिकारी कमिटी के सदस्य होंगे। बीएसए भी कमेटी का सचिव बनाया गया है। यू-डायस पोर्टल पर छात्र संख्या मिलने पर शिक्षकों का स्थानांतरण किया जाएगा। निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के मानकों के आधार पर छात्र-शिक्षक अनुपात की गणना करते हुए शिक्षकों की आवश्यकता और जरूरत से अधिक शिक्षक वाले जिलों को आनलाइन तबादले किए जाएंगे।
ऑनलाइन विकल्प वरीयता के क्रम में होगा
अंतरजनपदीय क्षेत्रों में आवश्यकता से अधिक शिक्षक वाले चिन्हित जिलों में तैनात शिक्षकों द्वारा वरीयता क्रम में अध्यापक की आवश्यकता वाले जिलों का ऑनलाइन चयन किया जा सकेगा। साथ ही, छात्र-शिक्षक अनुपात को पूरा करने के लिए आवश्यकता से अधिक शिक्षक वाले जिलों में अधिक शिक्षक की आवश्यकता होगी। स्थानांतरण के लिए राज्य में कार्यरत नियमित शिक्षक और शिक्षिका की आवश्यकता होगी। अंतरराज्यीय स्थानांतरण सेवावधि के अधीन नहीं होगा। ऑनलाइन पोर्टल पर शिक्षकों द्वारा आवेदन पत्र सबमिट करने के बाद ही पूर्ण माना जाएगा। अन्यथा की स्थिति में आवेदन पत्र निरस्त माना जाएगा।
बीएसए ऑफिस में आवेदन पत्र की स्वप्रमाणित छायाप्रति जमा करनी होगी
संबंधित शिक्षकों ने आवेदन पत्रों और संबंधित अभिलेखों की छायाप्रतियों को स्व-प्रमाणित करके जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा करना होगा। शिक्षकों द्वारा उपलब्ध कराए गए अभिलेखों का सत्यापन फर्जी या कूटरचित पाया गया तो शिक्षक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा अध्यापक सेवा नियमावली-1981 (अद्यतन संशोधित) और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद की अधिसूचना 2010 एवं 2014 में निहित प्रावधानों के अधीन जनपदीय स्थानान्तरण एवं समायोजन प्रक्रिया की कार्यवाही की जाएगी। शिक्षकों के स्वेच्छा से जनपदीय स्थानान्तरण और समायोजन के बाद, संबंधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मानव सम्पदा पोर्टल पर उनके विवरण को अपडेट करेगा।
शिक्षक संगठनों ने स्वागत किया
शिक्षक संगठनों ने जिले में और बाहर ट्रांसफर के आदेश का स्वागत किया है। उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि राज्य के लाखों शिक्षकों को सामान्य तबादले का आदेश शिक्षकों के लिए एक बड़ी सौगात है। 2016 के बाद जिले अंदर सामान्य रूप से तबादले के आदेश जारी किए गए हैं। वहीं दूसरी तरफ जिले बाहर भी आदेश आने से शिक्षकों में ख़ुशी की लहर है।



