Anupama 4 June: अनुपमा की मुंबई में ऐसी कट रही जिंदगी, तो राही को आटे-दाल का मूल्य समझ आया

Anupama 4 June 2025 Written Update: सीरियल की कहानी लीप के बाद बहुत बदल गई है। बुधवार के एपिसोड में आज क्या दिखाया गया है और आगे क्या नया सामने आने वाला है, जानिए।
Anupama 4 June 2025 Written Update: सीरियल की कहानी लीप के बाद बहुत बदल गई है। बुधवार के शो में आप देखेंगे कि अनुपमा मुंबई में अपने घर में दो लड़कियों के साथ रहती है। अनुपमा मुंबई की व्यस्त जिंदगी में खुद को बदलने की कोशिश कर रही है। दो लड़कियां उसके साथ रहती हैं, एक मराठी है और दूसरी पंजाबी। दोनों लड़कियों के विचार भी पूरी तरह से अलग हैं। एक जहां सीधी-साधी जिंदगी पसंद करती है तो वहीं दूसरी को मॉर्डन जिंदगी पसंद है। एक जहां शादी को जिदंगी को बेहतर करने का जरिया मानती है तो वहीं दूसरी को यह जन्म-जन्म का बंधन लगता है।
जिंदगी कृष्णकुंज में इतनी बदल चुकी है
इन दोनों लड़कियों के साथ अनुपमा यहां खुश रहती है। लीला और बापूजी अभी भी कृष्ण कुंज में उसी तरह रहते हैं, बस लीला को अब अपने घर में प्रार्थना को भी झेलना पड़ता है। अंश हर समय प्रार्थना को शय देता है, जबकि प्रार्थना परिवार के दिल में अपनी जगह बनाने की कोशिश करती है। कोठारी मेंशन में भी बहुत कुछ बदल चुका है, और सबसे ज्यादा राही के लिए यह बदलाव भारी पड़ा है।
कोठारी मेंशन में माही का शासन
आर्यन की मौत के बाद माही अब अपनी सास की प्यारी बहू है। ख्याति राही से उतनी ही नफरत करती है और माही को बहुत पसंद करती है। प्रेम अब अपनी पत्नी का खुलेआम समर्थन नहीं करता। पराग कोठारी बहुत टूट गया है और अब खुलेआम शासन नहीं करता है। गौतम और प्रेम के बीच पहले की तरह छोटी-छोटी बातों पर नोकझोंक होती रहती है। सीरियल के 4 जून के एपिसोड में इस बात का भी हिंट दिया गया है कि ईशानी शादी करके कोठारी मेंशन में आ गई है। हालांकि अभी तक उसकी झलक नहीं दिखाई गई है।
राही और अनुपमा को एक दूसरे की याद सताएगी
कोठारी मेंशन में गौतम और वसुंधरा कोठारी की जोड़ी पहले की तरह ही है। अनुपमा उस साधारण लड़की के साथ मुंबई में काम पर जाती है। किचन में खाना बनाते समय उसे और राही को एक ही समय पर हिचकी आएगी। राही अपनी मां के बारे में सोचते समय उसकी हिचकी शांत हो जाएगी, और अनुपमा अपनी बेटी के बारे में सोचते समय उसकी भी हिचकी शांत हो जाएगी। अब राही की स्थिति कोठारी मेंशन में अपनी मां की तरह हो गई है; वह सबके लिए बहुत कुछ करती है, लेकिन कोई उसे पसंद नहीं करता। अब उसे समझ आता है कि उस वक्त सबके लिए सब कुछ करते रहना कितना मुश्किल होता है जब कोई आपको बदले में प्यार नहीं दे रहा। राही को अपनी मां की हालत समझ आने लगी है।



