क्या मुख्तार अंसारी के भतीजे को टिकट देंगे अखिलेश यादव? मोहम्मदाबाद सीट पर इन नामों की चर्चा

पूर्वांचल की सियासत में ‘अंसारी फाटक’ के दबदबे वाली गाजीपुर की मोहम्मदाबाद विधानसभा सीट पर राजनीतिक सरगर्मी एक बार फिर तेज हो गई है. यह सीट अंसारी परिवार का गढ़ मानी जाती है जिसे अगर कोई मात दे पाया है तो वह सिर्फ स्वर्गीय कृष्णानंद राय का परिवार रहा है. इस बार चुनावी बिसात पर मुकाबला केवल सपा और भाजपा की पुरानी प्रतिद्वंद्विता तक सीमित नहीं है बल्कि दोनों ही दलों में टिकट पाने की अंदरूनी होड़ और बसपा की नई दावेदारी ने माहौल को दिलचस्प बना दिया है.
अंसारी फाटक का गढ़ और बदलती सियासी हवा
मोहम्मदाबाद सीट की पहचान सालों से अंसारी परिवार और उनकी राजनीति से रही है. इस सीट पर जब भी चुनाव हुआ, ज्यादातर मौकों पर अंसारी फाटक ने ही फतह हासिल की चाहे अफजाल अंसारी हों, उनके भाई हों या फिर भतीजे. इस वर्चस्व को चुनौती देने वाला इकलौता नाम स्वर्गीय कृष्णानंद राय का परिवार रहा है.
पार्टियों के अंदरूनी समीकरण और दावेदार
सपा के मौजूदा विधायक शोएब अंसारी उर्फ मन्नू अंसारी, अफजाल अंसारी के सबसे बड़े भाई शिबगतुल्लाह अंसारी के बेटे हैं. योगी सरकार के दौरान अंसारी परिवार के अधिकांश सदस्य यहां तक कि गैर-राजनीतिक रिश्तेदारों और महिलाओं तक पर दर्जनों मुकदमे दर्ज हुए. लेकिन मन्नू अंसारी पूरे परिवार में इकलौते ऐसे शख्स हैं जिन पर एक भी एफआईआर दर्ज नहीं है.
कृष्णानंद राय की विरासत के लिए चाचा-भतीजे में जंग
बसपा की एंट्री
मोहम्मदाबाद की लड़ाई में अब बहुजन समाज पार्टी (BSP) भी पूरी ताकत से उतरने की तैयारी में है. घोसी से बसपा के पूर्व सांसद अतुल राय का परिवार इस सीट से दावेदारी कर रहा है. कभी अंसारी परिवार के करीबी रहे अतुल राय अब उनके ही गढ़ में बसपा का झंडा बुलंद करना चाहते हैं.
अतुल राय के मुताबिक अगर मायावती का आदेश होता है और उनके समर्थक चाहेंगे तो उनके परिवार का कोई सदस्य (भाई या पत्नी) मोहम्मदाबाद या जमानिया सीट से चुनाव लड़ने को पूरी तरह तैयार है.



