Anupamaa: कान्हा जी ने अनुपमा को नहीं राह दिखाई, परितोष और पाखी का नया मिशन

Anupamaa की जिंदगी में अधिक से अधिक चुनौतीएँ सामने आ रही हैं। पंडिज जी की टेंशन, किराए की चिंता और परिवार की फिक्र। इसके बाद भी वह हार नहीं मानती है और सबका सहारा बनती है।
Anupamaa के आज के एपिसोड में एक बार फिर एक भावुक घटना दिखाई दी। कहानी अनुपमा से शुरू होती है। अनुपमा को पंडित जी को अकेले छोड़कर कैसे जाना चाहिए। वह भी नहीं जानती कि अब वह बिना काम के मुंबई में सरवाइव कैसे करेगी जब जसप्रीत का फोन आता है। जसप्रीत, अनुपमा से पूछती है कि क्या उसने किराए के पैसे की व्यवस्था की है। Anupamaa, जसप्रीत को पंडित जी ने उसे पद से निकाल दिया है। जसप्रीत कहती है कि वह मकान मालिक से जैसे-तैसे 2-3 दिन की मोहलत मांग लेगी, लेकिन तब तक पैसों का इंतजाम हो जाना चाहिए।
किंजल और अंश, दूसरी ओर, परिवार की आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आगे आते हैं। अंश अपनी दादी लीला को कुछ रुपये देता है, और किंजल अपनी नई नौकरी में मदद करने का वादा करती है। लेकिन लीला नाराज़ होकर प्रार्थना को टिफिन देती है और उसे फटकारती है कि वह बहू बनने की कोशिश न करे। किंजल सुलह की कोशिश करती है, लेकिन घर का माहौल तनावपूर्ण बना रहता है।
वहीं, Anupamaa को चौल की चालीसवीं सालगिरह के लिए कैटरिंग का ऑर्डर मिलता है, जिसे वह खुशी-खुशी स्वीकार करती है। मोहल्ले की महिलाएं मदद करने के लिए आगे आती हैं। लेकिन इस बीच, पाखी और परितोष अनुपमा के पैसे चुराने की चाल चलाते हैं। वे मानते हैं कि अनुपमा मर चुकी है और उसकी पॉलिसी से व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। हसमुख को जब इस बात का पता चलता है, तो वह परितोष को थप्पड़ मारते हैं और गुस्से में आकर वसीयत से उसका नाम हटाने का फैसला करते हैं।
उधर, Anupamaa शादी के एक और कैटरिंग ऑर्डर को स्वीकार कर लेती है और उम्मीद करती है कि यह नया मौका उनके लिए कुछ अच्छा लेकर आएगा। वहीं परितोष और पाखी अब शक करने लगते हैं कि अनुपमा शायद जिंदा है और कहीं छिपी हुई है।
एपिसोड के अंत में, मोहल्ले की महिलाएं सालगिरह कार्यक्रम में डांस कर माहौल को खुशनुमा बना देती हैं। लेकिन अनुपमा के दिल में अभी भी एक सवाल बाकी है—क्या वह अपनी ज़िंदगी को दोबारा संवार पाएगी?



