
युवाओं में पढ़ने की आदत विकसित करने के मिशन ज्ञान को जारी रखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शहर के निवासियों को नवनिर्मित सार्वजनिक पुस्तकालय समर्पित किया।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उन्हें आज 1.59 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस नए सार्वजनिक पुस्तकालय का उद्घाटन करने के लिए यहाँ आकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने कहा कि इस दो-मंजिला भवन का क्षेत्रफल 3,710 वर्ग फुट है और यह वाई-फाई, सौर ऊर्जा डिजिटल एनालॉग और अन्य उच्च-स्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस पुस्तकालय में समकालीन साहित्य और पाठ्यक्रम की विश्व-स्तरीय पुस्तकें उपलब्ध हैं, जो समृद्ध शिक्षण अनुभव प्रदान करती हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि ऐसे पुस्तकालय ज्ञान और साहित्य का सच्चा भंडार हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व और संतुष्टि की बात है कि इन अत्याधुनिक पुस्तकालयों में विविध विषयों पर बहुमूल्य पुस्तकें मौजूद हैं, जो पुस्तक प्रेमियों को आकर्षित करती हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, साक्षरता और सामुदायिक विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक पुस्तकालय ज्ञान का प्रकाश स्तंभ साबित हो रहे हैं और हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि पंजाब का प्रत्येक नागरिक इनसे लाभान्वित हो सके।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि युवाओं में पढ़ने की आदत को बढ़ावा देने और उनके शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत विकास में योगदान देने में पुस्तकालय महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि ये पुस्तकालय सामुदायिक केंद्रों के रूप में कार्य करते हैं और सीखने, संवाद और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए अनुकूल वातावरण को प्रोत्साहित करते हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि मुख्यतः ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित ये पुस्तकालय शैक्षिक संसाधनों तक पहुँच में आने वाली खाई को पाटते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि सभी को सीखने और आगे बढ़ने का अवसर मिले।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार हर विधानसभा क्षेत्र में आधुनिक पुस्तकालय स्थापित करने की योजना पर पहले से ही अमल कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि ये पुस्तकालय डिजिटल रूप से जुड़े हुए हैं और हाई-स्पीड इंटरनेट से लैस हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को उनकी शैक्षणिक और करियर संबंधी गतिविधियों में सहायता के लिए प्रशिक्षित पुस्तकालयाध्यक्ष उपलब्ध हैं। भगवंत सिंह मान ने छात्रों, अभिभावकों और समुदाय के सदस्यों से आग्रह किया कि वे सीखने, शोध और आत्म-विकास के लिए पुस्तकालय का सक्रिय रूप से उपयोग करें।



