CM योगी ने 13 परियोजनाओं का उद्घाटन करते हुए कहा कि हमने यूपी को बीमार सोच से उबार दिया

CM योगी ने 13 परियोजनाओं का उद्घाटन किया। CM योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश को बीमार राज्य बनाना एक राजनीतिक मानसिकता थी, जिसे दूसरे नंबर की अर्थव्यवस्था में बदल दिया गया है।
हमने उत्तर प्रदेश को देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाया है, जो एक राजनीतिक मानसिकता का परिणाम था। आज प्रदेश के परंपरागत कारीगर, शिल्पकार और युवा उद्यमी के चेहरे पर उत्साह है, जो पहले निराश था। आज, उत्तर प्रदेश की ODOP योजना आत्मनिर्भर भारत का आधार बन चुकी है। गुरुवार को लोकभवन में इंटरनेशनल ट्रेड शो के द्वितीय संस्करण के कर्टेन रेजर सेरेमनी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ये बातें कही। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर औद्योगिक आस्थानों और ODOPC FCC की 13 परियोजनाओं का शुभारंभ किया। साथ ही विभिन्न जनपदों के पारंपरिक कारीगरों और हस्तशिल्पियों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री योगी ने अपने उद्बोधन में एमएसएमई विभाग को धन्यवाद देते हुए राज्य के नव उद्यमियों और सम्मानित किये गये कलाकारों और हस्तशिल्पियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष यूपी में ग्रेटर नोएडा में इंटरनेशनल ट्रेड शो की सफलता ने नया कीर्तिमान बनाया था। इसने यूपी के पोटिंशियल को दिखाने का एक मजबूत मंच प्रदान किया। पहली बार तीन लाख लोगों का फुट फॉल हुआ, जिसमें पांच सौ से अधिक विदेशी बायर्स, सत्तर हजार से अधिक लोग शामिल हुए। उनका कहना था कि ग्रेटर नोएडा में फिर से इंटरनेशनल ट्रेड शो का द्वितीय संस्करण 25 से 29 सितंबर के बीच होगा। यूपी इसके जरिए विश्व समाज को अपनी क्षमता दिखाने जा रहा है।
CM योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्पी, कारीगर और युवा उद्यमियों के पास क्षमता थी, लेकिन उन्हें सरकार से प्रोत्साहन और प्लेटफार्म की जरूरत थी। प्रदेश में हजारों साल से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग थे, लेकिन सरकारी उपेक्षा और इंस्पेक्टर राज के कारण उद्यमी त्रस्त हो गए और भाग गए। 2018 में हमने ODOP योजना शुरू की, जिसके बाद परंपरागत उद्यमों को टेक्नोलॉजी और मार्केट देने का काम शुरू हुआ। नतीजतन, आज यूपी की ओडीओपी एक देशव्यापी योजना बन चुकी है। आज ओडीओपी आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला बन चुकी है, जिस पर उत्तर प्रदेश गर्व करता है।
सीएम योगी ने कहा कि हमारा युवा उद्यमी जो पहले हतोत्साहित था वो आज उत्साहित है। आज उनके चेहरे पर चमक दिखती है। उन्हें विश्वास है कि उनका प्रोडक्ट वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार है। हमारा एक्सपोर्ट 86 हजार करोड़ से बढ़कर 2 लाख करोड़ का हो गया। इसने रोजगार के अवसर सृजित किये हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि युवा उद्यमियों को बूस्टअप करने के लिए हमने इस बजट में सीएम युवा उद्यमी योजना शुरू की है, जिसके अंतर्गत ब्याज मुक्त ऋण स्कीम प्रदान की जा रही है।
CM ने बताया कि प्रधानमंत्री 19 फरवरी को यूपी के चतुर्थ ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर एक दिन में दस लाख करोड़ रुपये की योजनाएं बनाई जाएंगी। इससे 33 लाख युवा सीधे रोजगार मिलेंगे। ये उद्योग जहां भी होंगे, सड़कें, बिजली और पेयजल की सुविधाएं होंगी। नवनिर्माण होगा। आवासीय सुविधाएं भी बदल जाएंगी। यूपी में ये सभी क्लस्टर पहले समाप्त होते थे। आज राज्य में पैकेजिंग कंपनियों का उदय हो रहा है।
CM ने सभी युवा उद्यमियों से आह्वान किया कि वे इस साल सितंबर में ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाले इंटरनेशनल ट्रेड शो में भाग लें और उत्तर प्रदेश की शक्ति को देखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि इतना कुछ होने के बावजूद यूपी को बीमार बताया जाता था। International Trade Show में हमारी क्षमता को देखकर कोई यूपी को बीमार नहीं कहेगा। आज यूपी बीमार राज्य से ऊपर है। राजनीतिक मानसिकता थी कि बीमार राज्य था, लेकिन यूपी देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई। अब उत्तर प्रदेश को देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना है। इंटरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन इसके लिए बहुत महत्वपूर्ण होगा। CM ने इंटरनेशनल ट्रेड शो के दूसरे संस्करण को पूर्व में बधाई दी।
एमएसएमई मंत्री राकेश सचान, मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र, आईआईडीसी मनोज कुमार, एसीएस अमित मोहन प्रसाद, इंडिया एक्स्पो मार्ट के अध्यक्ष राकेश कुमार, विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि और राज्य भर से आए कलाकार, कारीगर और युवा उद्यमी इस अवसर पर उपस्थित थे।
13 परियोजनाओं का शुभारंभ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर एमएसएमई क्लस्टर पार्क योजना के तहत रायबरेली, मऊ, प्रतापगढ़ और महोबा में औद्योगिक अस्थानों का शिलान्यास किया. खाद्य एवं प्रसंस्करण के क्षेत्र में कौशाम्बी में केला और गोंडा में दाल और मक्का में ओडीओपी सीएफसी परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया, साथ ही मिनी औद्योगिक अस्थान बि
श्रमिकों का सम्मान
CM योगी ने अपनी प्रतिभा से अपना स्थान बनाने वाले कर्मचारियों का भी सम्मान किया। बाराबंकी से राहुल (नाई), लखनऊ से निधि मल्होत्रा (दर्जी) और सीतापुर से फिरोज अहमद (मोची) को विश्वकर्मा श्रम सम्मान से सम्मानित किया गया। ODOP प्रशिक्षण एवं टूलकिट वितरण योजना में रायबरेली के रंजीत कुमार (काष्ठ कार्य), लखनऊ की सरिता भारती (चिकनकारी) और हरदोई की प्रतिभा यादव (वस्त्र उत्पाद) का सम्मान किया गया। गोरखपुर के कृष्ण कुमार प्रजापति (टेराकोटा), आजमगढ़ की पुष्पा प्रजापति (ब्लैक पॉटरी) और सोनभद्र के धर्मु (मृदुभांड और नक्काशीदार फूलदान) को यूपी माटी कला पुरस्कार से सम्मानित किया गया। लखनऊ की शबाना खातून, मेरठ के शीषपाल और अमरोहा के कृष्णपाल को खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा राज्यस्तरीय ग्रामोद्योगीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।



