
दिल्ली की CM Rekha Gupta सरकार का कहना है कि वह मौके पर ही जनता की शिकायतों को हर हफ्ते जन सुनवाई कैंपों के माध्यम से सुन रही है। इस रिपोर्ट में देखें कि दिल्ली सरकार के जन सुनवाई कैंप कैसे काम कर रहे हैं..।
दिल्ली सरकार जिलाधिकारियों के नेतृत्व में हर हफ्ते जन सुनवाई कैंपों में जनता की शिकायतों का समाधान करती है। दिल्ली सरकार ने कहा कि CM Rekha Gupta के निर्देश पर अब सभी जिलों में हर हफ्ते जन सुनवाई कैंप लगाए जा रहे हैं। इन कैंपों में नगर निगम, दिल्ली पुलिस, बिजली और अन्य संबंधित विभागों के कर्मचारी कार्यरत हैं।
दिल्ली सरकार ने कहा कि ये कार्यक्रम सरकारी कार्यालयों तक सीमित नहीं हैं। इनका आयोजन स्कूलों, स्थानीय चौपालों और बैंक्वेट हॉल में भी हो रहा है। नागरिकों की शिकायतों को सीधे सुनने के लिए, जिलाधिकारी इन वीकली जन सुनवाई कैंपों का नेतृत्व करेंगे।
पूरे हफ्ते लोक शिकायत निगरानी प्रणाली (पीजीएमएस) शिकायतों का समाधान करता है। यही नहीं, नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के बाहर शिकायत पेटियां मिली हैं, जहां वे आसानी से अपनी शिकायतें लिख सकते हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि इन शिविरों में राजस्व, दिल्ली जल बोर्ड, पीडब्ल्यूडी, खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग से संबंधित शिकायतें मिली हैं।
साथ ही, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी), शिक्षा, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण से संबंधित शिकायतें भी ली जा रही हैं। इन कैंपों में लोगों ने दिल्ली पुलिस और नगर निगम की शिकायतें भी उठाई हैं। अतिक्रमण, अंधेरे स्थान, स्वच्छता, पेयजल, सीवेज, आवारा पशु, सड़क रखरखाव, अवैध निर्माण, खराब स्ट्रीट लाइट और पेड़ों की छंटाई भी शिकायतें हैं।
कैंप में मौजूद अधिकारी समस्याओं का समाधान करने की कोशिश करते हैं जब वे मौके पर हैं। संबंधित विभागों को इन शिकायतों को समय पर कार्रवाई के लिए भेजा जाता है। हाल ही में जन सुनवाई कैंप मॉडल टाउन, कंझावला, सीलमपुर, कोतवाली, सिविल लाइंस, करोल बाग, वसंत विहार, पंजाबी बाग, कपासहेड़ा, सरिता विहार और द्वारका उपखंडों में लगाए गए हैं।



