GFCF Diet: ग्लूटेन और केसिन मुक्त भोजन से किन बीमारियों का खतरा कम होता है?

GFCF Diet: कुछ लोगों को ग्लूटेन और केसिन वाले भोजन से एलर्जी होती है। गेहूं और राई जैसे अनाजों में ग्लूटेन एक प्रोटीन होता है। ग्लूटेन को सिलीएक रोगियों को न खाने की सलाह दी जाती है। इसको न खाने के क्या फायदे और नुकसान हैं इस बारे में जानते हैं।
GFCF Diet: ग्लूटेन और केसिन कुछ बीमारियों को बढ़ाते हैं। ये दोनों चीजें दैनिक भोजन से मिलती हैं। यदि आपको ऑटिज्म या पाचन संबंधी समस्याओं से जूझता कोई बच्चा मिले तो उनकी डायट पर ध्यान देना चाहिए। गेहूं और राई जैसे अनाजों में ग्लूटेन एक प्रोटीन होता है। ग्लूटेन खाद्य पदार्थों को एक साथ बांधने में मदद करता है और उन्हें लचीला बनाता है। कैसिनभी प्रोटीन है। केसिन दूध और डेयरी उत्पादों में मिलता है। शरीर में इनकी अधिकता से सीलिएक रोग होता है।
सिलीएक रोग में छोटी आंत को नुकसान होता है, जिससे लगातार पाचन संबंधी परेशानियां पैदा होती हैं। यह दोनों प्रोटीन बच्चों को ऑटिज्म से भी खराब करते हैं। ग्लूटेन और केसिन प्रोटीन से एलर्जी वाले लोगों को पेट संबंधी समस्याओं का सामना करना ज्यादा मुश्किल होता है। ऐसे लोगों को अक्सर भूख लगती है। उन्हें कब्ज और पेट दर्द भी होता है। इसके अलावा, ऐसे लोगों को अक्सर लूज मोशन की समस्या भी होती है। जिससे व्यक्ति निरंतर असहज महसूस करता है। बार-बार टॉयलेट जाने की इच्छा होती है।
ग्लूटेन और केसिनफ्री डाइट के फायदे
ग्लूटेन और केसिन मुक्त भोजन पाचन संबंधी परेशानियों को दूर कर सकता है। इन प्रोटीन से एलर्जी वाले लोगों को इनसे बचना चाहिए। Experts कहते हैं कि ग्लूटेन और केसिन वाले खाद्य पदार्थों को नहीं खाने से पाचन समस्याएं दूर होती हैं। यह भी देखा गया है कि बच्चे जो ऑटिज्म से पीड़ित हैं, उन्हें ग्लूटेन और केसिनफ्री युक्त भोजन देने से उनकी बीमारी में कमी आती है।
डॉक्टर से सलाह लें
ग्लूटेन और केसिन फ्री डाइट शुरू करने से पहले आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. इस डाइट को न खाने के फायदे तो हैं, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है कि सभी को इसको फॉलो करना है. जिन लोगों को ग्लूटेन और केसिन वाली चीजों से एलर्जी है उनको ये नहीं खाना चाहिए. लेकिन किसी भी डाइट को फॉलो करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें



