कमल हासन की ‘Thug Life’ की रिलीज़ पर आदेश, सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक HC को फटकारा

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि कमल हासन की फिल्म ‘Thug Life’ को राज्य में रिलीज़ नहीं करने का फैसला सही नहीं है। कोर्ट ने कहा कि अगर कमल हासन ने कोई असुविधाजनक बात कही भी है, तो उसे अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता और कर्नाटक के जागरूक लोगों को इस पर चर्चा कर अपनी प्रतिक्रिया देनी चाहिए थी, न कि हिंसक तरीकों से विरोध करना चाहिए था।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने जोर देकर कहा कि कानून का राज कायम रहना चाहिए और किसी भी भीड़ को फिल्म रिलीज रोकने के लिए उग्र प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने कर्नाटक सरकार को निर्देश दिया कि वह एक दिन के भीतर फिल्म की रिलीज़ से जुड़ी स्थिति की जानकारी दे। साथ ही, फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) की मंजूरी मिलने के बाद सभी राज्यों में रिलीज़ होना चाहिए।
पीठ ने कन्नड़ भाषा को लेकर कमल हासन की टिप्पणी पर माफी मांगने के लिए कर्नाटक उच्च न्यायालय की हाल की टिप्पणियों की भी आलोचना की और कहा कि माफी मांगना अदालत का काम नहीं है। इस मामले को उच्च न्यायालय से लेकर सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया है और अगली सुनवाई गुरुवार को निर्धारित की गई है।
‘Thug Life’ 5 जून को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई, लेकिन कर्नाटक में हासन की कन्नड़ भाषा पर टिप्पणी के कारण विवाद खड़ा हो गया। 70 वर्षीय अभिनेता कमल हासन ने अपनी फिल्म के प्रचार के दौरान कहा था कि कन्नड़ भाषा की उत्पत्ति तमिल भाषा से हुई है, जिससे कर्नाटक में काफी गुस्सा फैल गया। इसपर कर्नाटक फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स ने कहा कि जब तक हासन माफी नहीं मांगते, तब तक फिल्म को राज्य में रिलीज़ नहीं किया जाएगा।
इस मामले पर कर्नाटक उच्च न्यायालय ने भी कमल हासन की टिप्पणी की कड़ी आलोचना की थी और कहा था कि माफी मांगने से स्थिति सुधर सकती है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इसे अदालत का काम नहीं माना और इस विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने पर जोर दिया।



