Ravi Pushya Yog 2025: राम नवमी पर रवि पुष्य योग का लाभ मिलेगा; सोना खरीदने पर जिंदगी भर रहेगी चांदी ही चांदी

Ravi Pushya Yog 2025: राम नवमी पर्व चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है, इस दिन भगवान राम का जन्म हुआ था, इस दिन श्रीराम की पूजा…और पढ़ें
Ravi Pushya Yog 2025: 6 अप्रैल, रविवार को चैत्र नवरात्रि का अंतिम दिन है और देश भर में राम नवमी का पर्व मनाया जा रहा है। राम नवमी के दिन रवि पुष्य योग बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन किए गए कार्यों के परिणाम कई गुणा होंगे। इस शुभ अवसर पर भगवान राम की विधिपूर्वक पूजा करने से सुख-सौभाग्य और ज्ञान की प्राप्ति होती है। खरमास के दौरान शुभ व मांगलिक कार्यों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, लेकिन राम नवमी के दिन होने वाले इस विशेष योग में सोना-चांदी, कार आदि खरीदना शुभ माना जाता है। रवि पुष्य योग में किए गए धार्मिक कार्य, जैसे पूजा-पाठ, जप-तप, स्नान और दान, बहुत महत्वपूर्ण हैं। राम नवमी पर होने वाले रवि पुष्य योग से आपको क्या लाभ मिलेगा?
सभी नक्षत्रों का राजा है पुष्य नक्षत्र
वैदिक ज्योतिष में 27 नक्षत्र हैं, जिसमें सबसे शुभ माना जाता है रवि पुष्य नक्षत्र 8वें स्थान पर है। रवि पुष्य भी सभी नक्षत्रों का राजा कहलाता है। यदि किसी ग्रह-नक्षत्र में कोई अशुभ स्थिति बन रही है, तो वह पुष्य नक्षत्र में शुभ हो जाएगी। रविवार को पुष्य नक्षत्र होता है तो वह रवि पुष्य नक्षत्र, गुरुवार को गुरु पुष्य नक्षत्र, शनिवार को शनि पुष्य नक्षत्र और बुधवार को बुध पुष्य नक्षत्र कहलाता है। ज्योतिषशास्त्र में पुष्य को अमरेज्य भी कहते हैं, जिसका अर्थ है पोषण। ऋगवेद में पुष्य नक्षत्र मंगलकर्ता है। सभी दिनों के नक्षत्र का अलग अलग महत्व है।
रामनवमी पर रवि पुष्य योग
राम नवमी के दिन रवि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग समेत रवि पुष्य योग, सुकर्मा योग समेत कई शुभ योग बन रहे हैं, जो ना केवल धार्मिक कार्यों के लिए बल्कि सोना-चांदी, कार आदि चीजों की खरीदारी करना बहुत शुभ माना जाता है और निवेश के लिए बेहतर होता है। वास्तव में, इस दिन किए गए किसी भी कार्य का लाभ लंबे समय तक मिलता है और जीवन में सुख-शांति और स्थिरता बनी रहती है क्योंकि ये शुभ योग हैं। अगर आप कोई नया बिजनस शुरू करना चाहते हैं या फिर महत्वपूर्ण निर्णय लेना चाहते हैं तो रवि पुष्य योग में किया गया काम फलदायी साबित होगा।
नक्षत्र देवता शनिदेव
सूर्य का मेष राशि में प्रवेश करते ही मलमास समाप्त हो गया है. 14 अप्रैल को सूर्य मेष राशि में गोचर करेगा। एक महीने के बाद शुभ और मांगलिक कार्य भी शुरू होंगे। इस नक्षत्र का स्वामी शनिदेव है, जो स्थिरता देता है और न्याय और कर्म का प्रतीक है। वहीं इस नक्षत्र के देवता देवों के गुरु बृहस्पति हैं, जिसका कारक सोना है। रवि पुष्य योग में सोना खरीदना बहुत शुभ माना जाता है और स्थायी भी होता है। लेकिन इस दिन ध्यान रखें कि रवि पुष्य योग में सोना खरीदा तो जा सकता है लेकिन पहना नहीं जा सकता है।
इस चीजों का खरीदना बहुत शुभ है
रवि पुष्य नक्षत्र के दिन सोना, चांदी, पीतल के बर्तन, वाहन, भूमि-भवन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, जेवर, पीला कपड़ा आदि खरीदना बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन उपवार रखने और पूजा करने से जीवन के हर क्षेत्र में मिलता है। जो लोग राम नवमी के दिन व्रत रखते हैं, वे सूर्योदय और सूर्यास्त के समय माता लक्ष्मी के सामने घी का दीपक जलाना चाहिए या किसी नए मंत्र का जप करना भी शुरू करना चाहिए। रवि पुष्य नक्षत्र में कला, शिल्प, मंदिर या घर बनाना आदि शुभ माना जाता है।
भूलकर भी इस नक्षत्र में ना करें यह काम
अगर आप निवेश करना चाहते हैं तो लंबी अवधि का निवेश करना फायदेमंद रहेगा. इस दिन बहीखातों की पूजा करें और नया लेखा जोखा भी शुरू कर सकते हैं. साथ ही राम नवमी के दिन बन रहे इस पुष्य नक्षत्र में दाल, कड़ी, चावल, खिचड़ी, बूंदी के लड्डू आदि का सेवन करना अच्छा माना जाता है. पुष्य नक्षत्र में विवाह करना बहुत शुभ माना जाता है, दरअसल ब्रह्माजी को पुष्य नक्षत्र का शाप मिला हुआ है इसलिए इस नक्षत्र में विवाह करना वर्जित माना गया है.