स्वास्थ्य

कोलन कैंसर कितना खतरनाक है डॉक्टर से जानिए इस के लक्षण, कारण और सावधानियां

कोलन कैंसर, जिसे कोलोरेक्टल कैंसर भी कहा जाता है, बड़ी आंत यानी कोलन या रेक्टम में शुरू होने वाला कैंसर है। यह कैंसर धीमी गति से विकसित हो सकता है, लेकिन समय रहते इसका पता न चले तो यह घातक हो सकता है।

अभिनेता विभु राघव के निधन की खबर ने लोगों को कोलन कैंसर की ओर खींचा है। कोलन कैंसर, जिसे कोलोरेक्टल कैंसर भी कहा जाता है, बड़ी आंत यानी कोलन या रेक्टम में शुरू होने वाला कैंसर है। यह कैंसर धीमी गति से विकसित हो सकता है, लेकिन समय रहते इसका पता न चले तो यह घातक हो सकता है। डॉ. भूषण भोले, पीएसआरआई अस्पताल में जीआई सर्जरी और लिवर ट्रांसप्लांटेशन के वरिष्ठ सलाहकार, बताते हैं कि कोलन कैंसर के लक्षण क्या हैं और सावधानी बरतने के उपाय।

कोलन कैंसर के लक्षण:

कोलन कैंसर के लक्षण अक्सर पाचन समस्याओं की तरह दिखते हैं, इसलिए इन्हें नज़रअंदाज़ करना आसान है। प्रमुख लक्षणों में लंबे समय तक कब्ज या दस्त होना, मल त्याग की आदतों में बदलाव, मल में खून आना, पेट में बार-बार दर्द या ऐंठन, बिना कोशिश के वजन कम होना और निरंतर थकान होना शामिल हैं। यह लक्षण कुछ हफ्तों से अधिक समय तक बने रहें तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।

कोलन कैंसर के कारण:

कोलन कैंसर के कई कारण हैं। इसका एक प्रमुख कारण उम्र बढ़ना है, खासकर 50 वर्ष की उम्र के बाद। कोलन कैंसर का आनुवांशिक खतरा भी अधिक होता है अगर किसी व्यक्ति के परिवार में पहले कोलन कैंसर था। धूम्रपान, मोटापा, व्यायाम की कमी, वसायुक्त और कम फाइबर वाले आहार और अधिक शराब पीना भी इस बीमारी को बढ़ावा दे सकते हैं।

सावधानी कैसे बरतें?

इस बीमारी से बचने के लिए जीवनशैली में परिवर्तन करना आवश्यक है। फल, सब्ज़ियां और साबुत अनाज जैसे फाइबर से भरपूर भोजन रोजाना लें। तला हुआ और अधिक वसायुक्त भोजन से दूर रहें। नियमित रूप से व्यायाम करें, वजन को नियंत्रित रखें और शराब और धूम्रपान से बचें। 50 वर्ष की उम्र के बाद या पारिवारिक बीमारी होने पर भी नियमित जांच कराना बेहद महत्वपूर्ण है।

कोलन कैंसर को समय रहते पहचानने पर व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकता है। फिट दिखने वाले व्यक्ति भी इस बीमारी का शिकार हो सकते हैं, इसलिए सतर्क रहना और शरीर के संकेत समझना महत्वपूर्ण है। कोई भी असामान्य लक्षण दिखे तो देरी न करें और एक योग्य डॉक्टर से मिलें। यही सतर्कता हमारे जीवन को सुरक्षित रख सकती है।

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