Malaria Symptoms: मलेरिया बारिश में ही नहीं गर्मियों में भी बढ़ता है; जानें इस घातक बीमारी से कैसे बचें?

Malaria Symptoms: बरसात के मौसम में ही नहीं, गर्मियों में भी मलेरिया तेजी से फैलता है। गर्मियों में मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण बनने से मलेरिया फैलने का खतरा बढ़ जाता है। अब चलिए जानते हैं कि मलेरिया के लक्षण क्या हैं और इससे बचने के तरीके क्या हैं?
Malaria Symptoms: मच्छरों के काटने से हर साल लाखों जिंदगियां बच जाती हैं। बदलते मौसम के साथ डेंगू और मलेरिया की संख्या तेजी से बढ़ रही है। लेकिन बरसात के मौसम में ही नहीं, गर्मियों में भी मलेरिया तेजी से फैलता है। गर्मियों में मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण बनने से मलेरिया फैलने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में चलिए जानते हैं मलेरिया के लक्षण और बचाव के उपाय क्या हैं?
मलेरिया के लक्षण:
बुखार के साथ ठंड लगना
मांसपेशियों में दर्द
प्लेटलेट्स में गिरावट
एंटी-मलेरियल दवाइयां
गर्मियों में मलेरिया के बढ़ने के कारण निम्नलिखित हैं:
गर्मियों में गर्म तापमान मलेरिया का खतरा बढ़ाने का मुख्य कारण है। मच्छरों का प्रजनन गर्म तापमान में होता है। गर्म तापमान मच्छरों का जीवन चक्र तेज करता है, इसलिए वे अधिक तेजी से प्रजनन कर सकते हैं। साथ ही, बारिश से स्थिर पानी का जमाव होता है, जो मच्छरों के लिए प्रजनन स्थान बनाता है, जिससे उनकी संख्या बढ़ जाती है।
मलेरिया से बचने के उपाय:
मच्छरदानी, कीटनाशक और तेल का इस्तेमाल करके मच्छरों को घर से दूर रखें। अपने घर को साफ रखें और पानी के जमाव को रोकने के उपाय करें। हल्के रंग के, ढीले और लंबे कपड़े पहनें ताकि मच्छर आपसे दूर रहें। यदि आप मलेरिया वाले क्षेत्र में जा रहे हैं, तो अपने डॉक्टर से सलाह लें और मलेरिया की रोकथाम के लिए दवाएं लें।
मलेरिया से बचने के घरेलू तरीके:
नीम के पत्तों को उबालकर उसका पानी पीना मलेरिया के वायरस को कमजोर करता है। गिलोय एक आयुर्वेदिक पौधा है जो इम्युनिटी को बढ़ाता है। नियमित रूप से गिलोय का रस खाने से बुखार कम होता है। धनिया के बीजों को पानी में उबालकर पीने से थकान और बुखार दूर होता है।
प्लेटलेट बढ़ाने के तरीके:
थ्रोम्बोसाइटोपेनिया (मलेरिया) में प्लेटलेट्स की संख्या कम होती है। प्लेटलेट गिरने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें मलेरिया संक्रमण, रक्त वाहिकाओं की क्षति, और प्लेटलेट की संख्या में कमी होना शामिल है। यही कारण है कि इलाज के साथ-साथ घरेलू उपाय भी अपनाए जाते रहे हैं।
गिलोय और एलोवेरा का जूस मिलाकर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर प्लेटलेट्स को भी बढ़ावा देता है।
बकरी का दूध प्लेटलेट्स बढ़ाने में सहायक है, हालांकि डॉक्टर से सलाह लेकर ही इसका सेवन करें।
स्प्राउट्स और खजूर में मौजूद मिनरल्स और फाइबर शरीर को जल्दी रिकवर करने में मदद करते हैं।



