
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट किया है कि संवैधानिक रूप से वंचित वर्गों के लिए आरक्षित उच्च शिक्षण पदों को अनारक्षित नहीं किया जाएगा। नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्री प्रधान ने कहा कि “शिक्षक कार्डर आरक्षण अधिनियम, 2019” लागू होने के बाद आरक्षण के बारे में कोई अस्पष्टता नहीं है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार से पहले नियुक्तियों में कई विसंगतियां थीं। उन्होंने कहा कि नया कानून अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और अन्य पिछड़े वर्गों को बचाता है।



