
अंबाला पुलिस द्वारा 13 अगस्त को गिरफ्तार किए गए सिख समुदाय के सदस्य सुरमुख सिंह को बुधवार शाम अंबाला की सेंट्रल जेल से जमानत पर रिहा कर दिया गया।
यमुनानगर के रामखेड़ी गांव के निवासी सुरमुख सिंह को दिल्ली-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) को अवरुद्ध करने और पुलिसकर्मियों पर कथित हमले के मामले में दर्ज मामले में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें एक स्थानीय अदालत ने जमानत दे दी थी।
हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति (एचएसजीएमसी), शिरोमणि अकाली दल हरियाणा और बीकेयू (शहीद भगत सिंह) के सदस्यों सहित समुदाय के नेताओं ने सिंह का स्वागत किया।
13 अगस्त को सिख समुदाय के सदस्यों ने अंतरराष्ट्रीय खालिस्तानी आतंकवादी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरसिमरन सिंह मंड के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अंबाला में एनएच-44 को अवरुद्ध कर दिया था। उन्होंने दो सिख युवकों की रिहाई की भी मांग की, जिन्हें पंजोखरा साहिब गुरुद्वारे के पास हमले के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था।
शिरोमणि अकाली दल हरियाणा के अध्यक्ष हरकेश सिंह मोहरी ने कहा, ’13 अगस्त को पुलिस और समुदाय के सदस्यों के बीच टकराव के दौरान सुरमुख सिंह अपनी बात पर डटे रहे और कुछ देर के लिए पुलिसकर्मियों को रोकने में कामयाब रहे, जिससे अन्य सदस्य सुरक्षित रूप से बाहर निकल गए। एक सिख प्रतिनिधिमंडल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बीच एक बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया था कि सभी गिरफ्तार व्यक्तियों को रिहा कर दिया जाएगा। पिछले सप्ताह दो लोगों को रिहा किया गया था, जबकि सुरमुख सिंह को आज रिहा कर दिया गया।
एचएसजीएमसी के सदस्य गुरतेज सिंह ने कहा, ‘कानूनी प्रक्रिया कानून के अनुसार जारी रहेगी। यह भी उम्मीद की जाती है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा की गई प्रतिबद्धता के अनुसार, पंजोखरा साहिब घटना से संबंधित सभी मामलों को जल्द ही कानून की उचित प्रक्रिया के माध्यम से बंद कर दिया जाएगा और मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन का सम्मान किया जाएगा।



