पेपर लीक पर नया बिल सोमवार को लोकसभा में पेश होगा, जांच के लिए 2 महीने की समयसीमा का प्रस्ताव

परीक्षाओं में अनुचित व्यवहार को रोकने के लिए कड़े कदम उठाते हुए केंद्र ने अपने संशोधित विधेयक में पेपर लीक और संबंधित मामलों की जांच के लिए दो महीने की अनिवार्य समयसीमा का प्रस्ताव किया है।
सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 का मसौदा, जिसे शुक्रवार को कैबिनेट द्वारा अनुमोदित किया गया था, सोमवार को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा लोकसभा में पेश किया जाएगा।
विधेयक पेश होने से पहले लोकसभा सदस्यों को भेजा गया था और इसमें केंद्र को किसी भी अपराध की जांच के लिए एक विशेष कार्य बल गठित करने का अधिकार भी दिया गया है। संगठित अपराधों के लिए इसमें न्यूनतम सात साल की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव है।
विधेयक में कहा गया है कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को फास्ट ट्रैक अदालतें स्थापित करने का निर्देश दिया जाएगा, जो तेजी से सुनवाई करेंगे और आरोपपत्र दाखिल करने के तीन महीने के भीतर सुनवाई पूरी करेंगे। यह सभी राज्यों को प्रस्तावित कानून के तहत अपराधों की सुनवाई के लिए किसी भी सत्र अदालत को विशेष फास्ट-ट्रैक अदालत के रूप में नामित करने का अधिकार देता है।
‘उद्देश्यों के कथन’ में, विधेयक में कहा गया है कि संशोधित कानून का उद्देश्य अधिक पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता लाना और सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली में विश्वास पैदा करना है। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘हाल के वर्षों में सार्वजनिक परीक्षा अधिकारियों द्वारा आयोजित परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक होने और कदाचार की कुछ घटनाएं हुई हैं, जो सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और निष्पक्षता को प्रभावित करती हैं.’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जुलाई को घोषणा की थी कि परीक्षा पेपर लीक होने के मामले में कैबिनेट कड़ी सजा सुनिश्चित करेगा।
विधेयक सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए एक या एक से अधिक विशेष लोक अभियोजकों को नियुक्त करने का अधिकार देता है। इसमें यह भी प्रावधान है कि ऐसी अदालतों में कार्यवाही दिन-प्रतिदिन के आधार पर जारी रखी जाती है और आरोपपत्र दाखिल करने की तारीख से तीन महीने के भीतर सुनवाई पूरी हो जाती है।
संशोधित कानून में संघ लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन आयोग, रेलवे भर्ती बोर्ड, बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान और नीट परीक्षा आयोजित करने वाली राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को शामिल किया गया है।



