मध्यप्रदेशराज्य

MP में नशामुक्ति अभियान के जरिए युवाओं को साधने की जुगत में भाजपा, Gen-Z से संपर्क बढ़ाने की जिम्मेदारी सांसद-विधायकों को

मध्य प्रदेश में युवाओं और जेन-जी पीढ़ी को नशे से दूर रखने के लिए भाजपा ने व्यापक स्तर पर ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ अभियान शुरू किया है। इससे पहले जुलाई में राज्य सरकार ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ चला चुकी है। ओरछा में सोमवार को संपन्न हुई कार्यसमिति की बैठक में तय किया गया कि युवाओं और नई पीढ़ी के बीच इस संदेश को पहुंचाने के लिए पार्टी के सांसद, विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को सक्रिय रूप से जोड़ा जाए।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर शुरू हुआ यह राष्ट्रव्यापी अभियान 100 सप्ताह तक चलेगा। इसमें हर रविवार को जन-जागरूकता और समाज सेवा के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

युवाओं के बीच पहुंचकर संवाद करेंगे जनप्रतिनिधि

पार्टी इस अभियान को केवल राजनीतिक कार्यक्रम न मानकर सामाजिक सुधार के आंदोलन के रूप में देख रही है। इसके तहत जनप्रतिनिधियों को सीधे संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। जनप्रतिनिधि केवल मंचों से भाषण नहीं देंगे बल्कि कॉलेजों, खेल के मैदानों, और युवाओं के पसंदीदा स्थानों पर जाकर उनसे संवाद करेंगे।

जेन-जी तक पहुंचने के लिए जनप्रतिनिधि रील, मीम्स और इन्फ्लुएंसरों की भी मदद लेंगे, ताकि नशामुक्ति का संदेश उनकी भाषा में उन तक पहुंचे। दो अगस्त से पूरे देश में शुरू हो चुके इस अभियान का लक्ष्य है- नशा मुक्त युवा, ड्रग फ्री इंडिया।

जेन-जी से संपर्क कर नशे के नुकसान बताएंगे सांसद-विधायक

सांसद और विधायक जेन-जी से संपर्क कर नशे के नुकसान बताएंगे। युवा संवाद में बताया जाएगा कि नशे की लत सिर्फ एक व्यक्ति को प्रभावित नहीं करती बल्कि इसके दुष्परिणाम पूरे परिवार और समाज को भी झेलने पड़ते हैं। ऐसे लोगों की सराहना भी की जाएगी जो ड्रग्स के खिलाफ दूसरों को जागरूक करते हैं और नशे की लत से जूझ रहे लोगों की मदद के लिए आगे आते हैं।

इंटरनेट मीडिया पर भी अभियान चलाएगी पार्टी

भाजपा नशामुक्ति के लिए इंटरनेट मीडिया पर भी क्रिएटिव एफर्ट-फार्मल कैंपेन भी चलाएगी। नशा मुक्त भारत के लिए प्रभावकारी नारे बनाए जाएंगे। युवा संगीतकारों के माध्यम से ऐसे गीत बनवाए जाएंगे, जिनमें नशा मुक्त जीवन का संदेश हो। विद्यार्थियों और थियेटर समूह द्वारा लघु नाटक लिखवाए जाएंगे, जिनमें ड्रग्स के खतरों के साथ-साथ उनसे बाहर निकलने का रास्तों का जिक्र भी होगा। यह कंटेंट अलग-अलग भाषाओं में होंगे।

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