पंजाबराज्य

जाखड़ ने पीपीएससी मुख्य परीक्षा के नतीजे पर उठाए सवाल, सीबीआई जांच की मांग की

पंजाब भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने गुरुवार को पंजाब लोक सेवा आयोग (पीपीएससी) की मुख्य परीक्षा के नतीजों पर सवाल उठाया और सीबीआई जांच की मांग करते हुए आरोप लगाया कि प्रतिष्ठित पीसीएस परीक्षा को संदिग्ध कदाचार के जरिए ‘अपहृत’ कर लिया गया है।

जाखड़ ने एक्स पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि घोषित परिणामों ने भगवंत मान सरकार के दावों को उजागर कर दिया है कि “बिना पैसे के, बिना सिफारिश के नौकरियां” प्रदान की जाती हैं।

पहले नायब तहसीलदार भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ था, फिर बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज में पैरामेडिकल स्टाफ भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ और अब पीपीएससी मुख्य परीक्षा में कथित अनियमितताओं के जरिए पीसीएस परीक्षा को हाईजैक कर लिया गया है। पंजाब के युवाओं को खुद तय करना चाहिए कि यह नीट पेपर लीक मामले से कैसे अलग है।

चयन पैटर्न की ओर इशारा करते हुए, जाखड़ ने आरोप लगाया कि 10-11 उम्मीदवारों को व्यक्तिगत परीक्षा कक्षों से चुना गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि रोल नंबर सीरीज में कुल 86 चयनित उम्मीदवार लगातार तीन या चार के ग्रुप में शामिल हुए।

उन्होंने कहा, ‘क्या यह पूरी सेटिंग रोल नंबर जारी करते समय की गई थी? क्या कुछ पसंदीदा उम्मीदवारों को जानबूझकर एक सुनियोजित साजिश के तहत लगातार रोल नंबर आवंटित किए गए थे?

उन्होंने सवाल किया कि एक विशेष केंद्र या कुछ चुनिंदा कमरों में बैठे लगभग एक-चौथाई उम्मीदवार इस तरह की प्रतियोगी परीक्षा कैसे पास कर सकते हैं, जब तक कि कोई विशेष तरीका नहीं अपनाया गया हो।

जाखड़ ने कहा कि मान सरकार को पहले भी भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के इसी तरह के आरोपों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा, ‘यह पंजाब के युवाओं के सपनों, आशाओं और भविष्य का सवाल है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि यह ‘बेहद जरूरी’ है ताकि सच्चाई सामने आए और सभी तथ्यों को लोगों के सामने रखा जा सके।

पीपीएससी और राज्य सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार है।

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