
सरकारी स्कूलों में अब पढ़ाई के बीच रील्स बनाने और सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करने का शौक शिक्षकों पर भारी पड़ सकता है। शिक्षा विभाग ने शिक्षकों और कर्मियों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर नए नियम तय किए हैं।
अब स्कूल में बच्चों को पढ़ाते हुए वीडियो या रील्स बनाना प्रतिबंधित होगा। इतना ही नहीं, सरकारी परिसर में कोई भी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालने से पहले सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति लेनी होगी।
शिक्षा विभाग ने सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाते हुए रील्स बनाना प्रतिबंधित किया गया है।
बिना सक्षम प्राधिकार की पूर्व अनुमति के सरकारी परिसर में वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड करने पर भी रोक लगाई गई है। कहा गया है कि सरकारी कर्मियों द्वारा सरकारी परिसर में रील्स बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने से सरकार की छवि प्रभावित होती है।
साथ ही, समाज में एकतरफा संदेश प्रसारित होने की आशंका रहती है। इसे बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली के प्रावधानों के विरुद्ध बताया गया है। विभाग ने रील्स बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने पर रोक लगाई है।
इन कार्यक्रमों के लिए मिल सकती है अनुमति
कुछ विशेष अवसरों पर नियंत्री पदाधिकारी की लिखित पूर्व अनुमति से सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने की छूट दी गई है। इसमें 15 अगस्त और 26 जनवरी के सांस्कृतिक कार्यक्रम, पौधारोपण, रक्तदान, श्रमदान एवं स्वच्छता अभियान जैसे सामाजिक कार्यों की रिकार्डिग और रील्स बनाना शामिल है।
इसके अलावा गणमान्य व्यक्तियों के औचक निरीक्षण से जुड़े कार्यक्रमों की वीडियो रिकार्डिग भी अनुमति के दायरे में रखी गई है। निदेशक प्रशासन ने क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक और जिला शिक्षा पदाधिकारियों को आदेश का अनुपालन सुनश्चित कराने का आदेश दिया है।



