Jaideep Ahlawat एक दिन में चालिस रोटी खाकर डेढ़ लीटर दूध पीते थे, लेकिन उनका वजन सत्तर किलो था, बताई वजह

Jaideep Ahlawat ने अपने खाने की पुरानी आदतों को बताया है, जो आपको हैरान कर सकता है। उन्होंने बताया कि दिन में चालिस रोटियां खाने के बावजूद वह सत्तर किलोग्राम तक बढ़ गया था। साथ में डेढ़ लीटर दूध और मक्खन भी खाते थे।
Jaideep Ahlawat हरियाणा के एक गांव में पैदा हुए हैं। इंटरव्यू के दौरान, उन्होंने अपनी डायट के बारे में दिलचस्प बातें बताईं। Jaideep Ahlawat ने बताया कि 28 साल की उम्र तक वह हर दिन डेढ़ लीटर दूध और चालीस रोटियां खाता था। इसके बाद भी उनका वजन कभी 40 किलो से ज्यादा नहीं हुआ। अभी भी वह किसी पार्टी से लौटते हैं तो घर पर खाना खाते हैं।
40 रोटियां खा जाते थे
Jaideep Ahlawat क्या खाता है? यूट्यूब चैनल से बात कर रहे थे। उन्होंने बताया, ‘मेरा वजन कभी 70 से ज्यादा नहीं हुआ, भले ही मैं लंबा हूं। मैं दिनभर में 40 रोटियां का लेता था क्योंकि आप खा रहे हैं और सब बर्न कर लेते हैं।’ बोले कि एक उम्र के बाद इंसान का शरीर और मेटाबॉलिजम गिरने लगता है लेकिन तब तक आप जो मर्जी वो खाते रह सकते हैं और एक ऐक्टिव लाइफस्टाइल जिएं।
पार्टी से वापस आकर घर पर खाना खाते हैं
“मैं 15 से 16 साल से मुंबई में हूँ और मुझे अभी भी घर का खाना अच्छा लगता है,” जयदीप ने कहा। पार्टी में जाकर घर का बना खाना खाता हूँ। मैं घर पर खाना नहीं खाता तो अधूरा लगता है।’
लंच नहीं खाते थे
Jaideep Ahlawat ने कहा कि वह विदेश में जो मिलता है खा लेते हैं। वह लेबनीज खाना पसंद करते हैं अगर भारतीय भोजन नहीं मिलता। जयदीप ने अपने गांव की डायट की कहानी बताई। वह लंच को छोड़ देते थे। ‘जब तक मैं गांव में रहा, तब तक हम बहुत बेसिक खाना खाते थे,’ उन्होंने कहा। हम सुबह चेन, बाजरे की रोटी, लस्सी और मक्खन चटनी के साथ मिस्सी रोटी खाते थे। सिर्फ इतना ही। फिर इसके बाद डिनर खाते थे। लंच बनता था पर ऐसा था कि जिसे भूख लगे वो खा सकता था पर जरूरी नहीं था।’
ग्लास में दूध पीना था मना
Jaideep Ahlawat ने आगे बताया कि स्कूल के बाद वे लोग खेत में जाते थे और वहां, गन्ना, गाजर, अमरूद या जो भी फल-सब्जी मिलता था खा लेते थे। दूध उनकी जिंदगी का अहम हिस्सा था। दिन में तीन बार आधा लीटर दूध जरूर पीते थे। ग्लास में दूध पीना मना था। लोटे या फिर जग में पीना होता था।’



