
जब सरकार ने इस साल 29 सितंबर को हरियाणा में धान की खरीद शुरू की, तो उसने यमुनानगर जिले के लिए खरीद की सीमा 27 क्विंटल प्रति एकड़ निर्धारित की।
हालांकि, जिले के किसान खरीद शुरू होने के बाद से ही इस सीमा का विरोध कर रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि उनकी फसल की उपज लगभग 35 क्विंटल प्रति एकड़ है। उन्होंने कहा कि इसके परिणामस्वरूप, कई किसान मौजूदा सीमा के तहत अपनी पूरी उपज बेचने में असमर्थ थे।
किसानों की मांग को देखते हुए हरियाणा सरकार ने 17 अक्टूबर को प्रति एकड़ सीमा बढ़ाने का आदेश जारी किया था। हरियाणा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 2,500 किसानों ने 28 अक्टूबर तक संशोधित खरीद सीमा के लिए जिला प्रशासन को आवेदन प्रस्तुत किए हैं।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार को ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल खोला गया और बाजार समितियों के अधिकारियों द्वारा संशोधित खरीद सीमा के लिए किसानों के लगभग 250 आवेदन ऑनलाइन अपलोड किए गए।
किसानों ने कहा कि जब सरकार ने 17 अक्टूबर को प्रति एकड़ सीमा बढ़ाने का आदेश जारी किया, तो किसानों के डेटा को ऑनलाइन अपलोड करने में इतना समय क्यों लगा? उन्होंने कहा कि वे पिछले 10-12 दिनों से संशोधित खरीद सीमा का लाभ लेने के लिए दर-दर भटक रहे थे।
किसानों को किस समस्या का सामना करना पड़ रहा है?
यमुनानगर जिले में धान खरीद की सीमा शुरू में सरकार द्वारा 27 क्विंटल प्रति एकड़ निर्धारित की गई थी। हालांकि, किसान दावा कर रहे हैं कि उनकी फसल की उपज 35 क्विंटल प्रति एकड़ तक है, और मांग कर रहे हैं कि खरीद सीमा बढ़ाई जाए। हरियाणा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, यमुनानगर से मिली जानकारी के अनुसार; यमुनानगर जिले में इस साल दो लाख एकड़ से अधिक जमीन पर धान की खेती की गई है।
सरकार द्वारा क्या कार्रवाई की गई?
जब किसानों ने विभिन्न मंचों से अपनी मांग उठाई और राजनीतिक नेताओं और जिला प्रशासन के अधिकारियों से मुलाकात की, तो राज्य सरकार ने 17 अक्टूबर को प्रति एकड़ सीमा बढ़ाने का आदेश जारी किया। प्रगतिशील किसान सतपाल कौशिक ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा आदेश पारित करने के तुरंत बाद संशोधित सीमा के तहत धान की खरीद शुरू कर दी जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों के अधिकारी प्रक्रिया को पूरा करने में इतना समय क्यों ले रहे हैं?
प्रशासन इस मुद्दे पर क्या कार्रवाई कर रहा है?
लगभग 2,500 किसानों ने संशोधित खरीद सीमा का लाभ उठाने के लिए जिला प्रशासन के विभिन्न कार्यालयों में अपने आवेदन जमा किए। सभी आवेदन आगे की कार्रवाई के लिए हरियाणा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, यमुनानगर को भेजे गए थे। अब सरकार ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल खोला है और कृषि विभाग के साथ समन्वय से बाजार समितियों के अधिकारियों ने पोर्टल पर किसानों का डेटा अपलोड करना शुरू कर दिया है। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार को पोर्टल पर 250 आवेदन अपलोड किए गए थे और शेष आवेदन जल्द ही अपलोड किए जाएंगे। इसके बाद संशोधित सीमा के तहत धान खरीदी के लिए किसानों को गेट पास जारी करने से पहले किसानों द्वारा आवेदनों में दावा किए गए उपज के आंकड़ों का सत्यापन कृषि विभाग और तहसील कार्यालयों के अधिकारियों द्वारा किया जाएगा।
अनाज मंडियों में धान की खरीद की स्थिति क्या है?
यमुनानगर के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के नियंत्रक के आंकड़ों के अनुसार, 28 अक्टूबर तक जिले की सभी अनाज मंडियों में 3,40,992 मीट्रिक टन धान की आवक हुई है। जिसमें से 3,21,809 मीट्रिक टन धान की खरीद इस अवधि के दौरान सरकारी एजेंसियों द्वारा की गई। लगभग 19,000 मीट्रिक टन धान खरीद के लिए अनाज मंडियों में पड़ा हुआ है।



