पंचकूला में पीएनडीटी उल्लंघन के आरोप में 3 केमिस्ट दुकानें, नर्सिंग होम और 2 लैब को नोटिस

पंचकूला स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) और पीसी-पीएनडीटी (प्री-कॉन्सेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स) से संबंधित नियमों के अनुपालन में खामियां पाए जाने के बाद पिंजौर में तीन केमिस्ट दुकानों, एक नर्सिंग होम और दो प्रयोगशालाओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

निरीक्षण दल ने एमटीपी और पीसी-पीएनडीटी कानूनों के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने और लिंगानुपात में सुधार करने के लिए विभाग के अभियान के हिस्से के रूप में इन प्रतिष्ठानों की जांच की।

केमिस्ट की दुकानों पर, अधिकारियों ने निर्धारित कानूनी प्रावधानों के अनुपालन की पुष्टि करने के लिए एमटीपी से संबंधित दवाओं, स्टॉक रजिस्टरों और अन्य रिकॉर्ड की जांच की।

टीम ने पिंजौर में एक निजी नर्सिंग होम का भी निरीक्षण किया, जहां रिकॉर्ड, एमटीपी से संबंधित दस्तावेजों और सी-सेक्शन मामलों की जांच की गई। अस्पताल में सी-सेक्शन के मामलों का अनुपात अपेक्षाकृत अधिक पाया गया, जिसके बाद रिकॉर्ड की विस्तार से जांच की जा रही है और नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

दो प्रयोगशालाओं का भी निरीक्षण किया गया, जिनमें से एक के पास समाप्त हो चुका नैदानिक स्थापना प्रमाण पत्र पाया गया, जबकि दूसरे के पास प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं था।

निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों और कथित उल्लंघनों पर प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था और निर्धारित समय के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था। प्राप्त उत्तरों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

विभाग ने कहा कि एमटीपी और पीसी-पीएनडीटी कानूनों के तहत नियमों का पालन नहीं करने को गंभीरता से लिया जाएगा और नियमित रूप से स्वास्थ्य सुविधाओं, केमिस्ट की दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण जारी रहेगा।

विभाग ने कहा कि निरीक्षण का उद्देश्य रिकॉर्ड में पारदर्शिता, वैधानिक आवश्यकताओं का अनुपालन और अनियमितताओं के खिलाफ समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

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