
झुग्गी-झोपड़ी अतिक्रमण को हटाने के लिए दिल्ली प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई से मामला जुड़ा हुआ है। आज Atishi को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में भी लिया था, क्योंकि वह कालकाजी के भूमिहीन कैंप में एंटी-
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और दिल्ली की पूर्व सीएम Atishi ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वह दिल्ली के दो अफसरों की शिकायत करने जा रही हैं। झुग्गी-झोपड़ी अतिक्रमण को हटाने के लिए दिल्ली प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई से मामला जुड़ा हुआ है। आतिशी को आज भी दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था क्योंकि वह कालकाजी के भूमिहीन कैंप में एंटी-डिमोलिशन प्रदर्शन में शामिल होने गई थीं, जहां विरोध प्रदर्शन के चलते भारी भीड़ जमा हो गई थी।
Atishi-उनको क्रूरतापूर्वक डंडों से पीटा गया
Atishi ने कहा कि दिल्लीवासियों ने आज भारतीय जनता पार्टी का असली चेहरा देखा है। आरोप लगाते हुए कहा कि वे दिल्ली की सभी झुग्गियों को एक-एक करके समाप्त कर रहे हैं। आज, भूमिहीन कैम्प के लोगों को वहां से जबरदस्ती निकाला जा रहा था, विरोध करने वालों को क्रूरतापूर्वक पीटा गया। भूमिहीन कैम्प के बहुत से लोगों को डिटेन करके फतेहपुर बेरी पुलिस स्टेशन ले गए।
इन अधिकारियों को शिकायत करने के लिए कहा
मैं (कालकाजी) वहां पहुंचा तो पुलिस ने मेरे साथ भी धक्का मुक्की की। मैं डिटेन करके झड़ोदाकला, यानी कालकाजी से 40-45 किलोमीटर दूर ले गया। डीसीपी साउथ ईस्ट हेमंत तिवारी और गोविंद पुरी एसएचओ धर्मवीर सिंह ने हाथापाई की है। महिलाओं पर डंडे चलाए गए हैं। हम उनके खिलाफ भी कंप्लेन (शिकायत) करेंगे।
आपको बताते चलें कि डिटेन होने से पहले, आतिशी ने चीखते हुए कहा कि मैं झुग्गी वालों के हक में आवाज़ उठा रही हूँ और इसके कारण मुझे जेल भेजा जा रहा है। रेखा गुप्ता जी, इन गरीबों और झुग्गीवालों का दर्द आपको महसूस होगा। दिल्ली में बीजेपी वापस नहीं आने वाली है।
मामला कहाँ से शुरू हुआ?
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को कहा कि अधिकारी अदालतों के ध्वस्तीकरण आदेशों के खिलाफ नहीं जा सकते। उन्होंने जोर देकर कहा था कि विस्थापित निवासियों को आवास उपलब्ध कराया गया है। इससे पहले आम आदमी पार्टी ने दक्षिणी दिल्ली में बारापुला के निकट मद्रासी कैंप झुग्गी बस्ती को ढहाए जाने तथा अन्य भागों में इसी तरह के ध्वस्तीकरण अभियान संचालित किए जाने की आलोचना की थी।



