Indian Navy Training Squadron: कंबोडिया में पहला नेवी ट्रेनिंग स्क्वाड्रन पहुंचा, भारत कंबोडियन सेना को देगा हथियार सिम्युलेटर

Indian Navy Training Squadron: भारत-कंबोडिया के मधुर और सौहार्दपूर्ण संबंधों का एक हिस्सा रक्षा क्षेत्र में सहयोग और क्षमता निर्माण है। एक्स-मिलन 24 विशाखापत्तनम में कंबोडियाई नौसेना ने भाग लिया था।
Indian Navy Training Squadron: कंबोडिया के सिहानोकविले बंदरगाह पर दो भारतीय नौसेना के समुद्री जहाज आईएनएस सुजाता और आईसीजीएस वीरा पहुंचे। भारतीय नौसेना की फर्स्ट ट्रेनिंग स्क्वाड्रन (1टीएस) के समुद्री जहाज दक्षिण पूर्व एशिया में स्क्वाड्रन की लंबी दूरी की प्रशिक्षण तैनाती का हिस्सा हैं।
भारत रॉयल कंबोडियन सेना को एक हथियार सिम्युलेटर इस यात्रा में देगा। हिंदुस्तान की “एक्ट ईस्ट” नीति में भारतीय नौसेना के जहाजों की कंबोडिया यात्रा शामिल है। भारतीय जहाजों का कंबोडिया की समुद्री एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने बहुत खुशी से स्वागत किया। 14 फरवरी से 17 फरवरी तक पोर्ट कॉल में भारतीय नौसेना और रॉयल कंबोडियन नेवी (आरसीएन) के बीच सहयोग और अंतर-संचालनीयता बढ़ाने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
भारतीय नौसेना और कंबोडियन नौसेना दोनों ने कई अभियानों को अंजाम देंगे।
इस यात्रा में दोनों नौसेनाओं के बीच पेशेवर आदान-प्रदान, क्रॉस ट्रेनिंग विजिट, सामाजिक संपर्क और मैत्रीपूर्ण खेल कार्यक्रम शामिल हैं। इनमें कंबोडिया पहुंचे हर भारतीय जहाज शामिल होगा। इस यात्रा में औपचारिक रूप से एक छोटे हथियार सिम्युलेटर को रॉयल कंबोडियन सेना को सौंपना भी शामिल है।
ये यात्रा संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से है
भारत-कंबोडिया के मधुर और सौहार्दपूर्ण संबंधों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रक्षा क्षेत्र में सहयोग और क्षमता निर्माण है। भारतीय स्क्वाड्रन की इस यात्रा का लक्ष्य दोनों देशों के बीच समुद्री संबंधों को बेहतर बनाना है। फरवरी 2024 में कंबोडियाई नौसेना के अधिकारी पहली बार भारत आए थे।
भारत-कंबोडिया के संबंध बढ़ रहे हैं
एक्स-मिलन 24 विशाखापत्तनम में कंबोडियाई नौसेना ने भाग लिया। हाल ही में की गई यात्राओं ने भारत-कंबोडिया संबंधों को मजबूत करने और भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के एक हिस्से के रूप में समुद्री सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया है।



