
छठ महापर्व पर घाटों की सफाई के लिए आमतौर पर लोग झाड़ू, कुदाल और नाव का सहारा लेते हैं, लेकिन पोखराम गांव के युवाओं ने तकनीक की मदद से नदी को स्वच्छ बनाने की अनोखी पहल की है।
कोणी नदी में फैली जलकुंभी को हटाने के लिए युवाओं ने ड्रोन को मैदान में उतार दिया। ड्रोन की मदद से नदी के उन हिस्सों तक पहुंचने की कोशिश की गई, जहां सामान्य तरीके से सफाई करना मुश्किल है। इस अनूठे प्रयास की इलाके में चर्चा हो रही है।
ड्रोन से नदी का लिया जायजा
पोखराम गांव स्थित कोणी नदी घाट पर नवयुवक संघ, पोखराम के तत्वावधान में विशेष सफाई अभियान चलाया गया। इसमें ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल कर नदी के विभिन्न हिस्सों की निगरानी की गई। ड्रोन कैमरे से जलकुंभी के फैलाव वाले क्षेत्रों को चिह्नित किया गया। इसके बाद प्रभावित हिस्सों में ड्रोन के जरिए केमिकल का छिड़काव किया गया।
जलकुंभी के फैलाव पर रोक लगाने की कोशिश
युवाओं का उद्देश्य नदी में तेजी से फैल रही जलकुंभी की समस्या को दूर करना है। इसके लिए तकनीक की मदद से उन जगहों पर भी पहुंचने का प्रयास किया गया, जहां हाथों से जलकुंभी निकालना आसान नहीं है। अभियान के माध्यम से जलकुंभी का फैलाव रोकने और नदी का प्राकृतिक स्वरूप बहाल करने की पहल की गई है।
छठ पर उमड़ते हैं श्रद्धालु
कोणी नदी पोखराम क्षेत्र की महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर है। छठ महापर्व के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और नदी घाट पर भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित करते हैं। ऐसे में जलकुंभी से भरी नदी श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। इसी को देखते हुए युवाओं ने पर्व से पहले सफाई अभियान शुरू किया है।
अभियान जारी रखने का संकल्प
स्थानीय युवाओं का कहना है कि नदी और घाट की स्वच्छता केवल किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। संघ ने आगे भी अभियान जारी रखने की बात कही। मौके पर नीरज चौधरी, लालन झा, सुशील चौधरी, मोहन चौधरी, भगवान चौधरी, हुलास चौधरी और संजय मुखिया मौजूद थे।



