बिहारराज्य

100 अधिक गाड़ियों के काफिले को देखकर छूटे यूपी प्रशासन के पसीने, अनंत सिंह को बनारस में नहीं मिली एंट्री

बिहार के मोकामा से विधायक और ‘छोटे सरकार’ के नाम से जाने जाने वाले अनंत सिंह के काफिले को वाराणसी में पुलिस प्रशासन ने शहर के भीतर दाखिल होने से रोक दिया। अनंत सिंह पटना से सैकड़ों गाड़ियों के काफिले के साथ प्रयागराज जा रहे थे। रास्ते में उनका कार्यक्रम काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के सिंहद्वार स्थित लंका चौराहे पर पहुंचकर महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने का था।

ट्रैफिक और अनुमति का हवाला देकर रोकी एंट्री

शुक्रवार शाम करीब 5 जैसे ही अनंत सिंह का काफिला वाराणसी सीमा में पहुंचा, कमिश्नरेट पुलिस ने डाफी क्षेत्र के हरसेवानंद स्कूल के पास मलहिया मार्ग पर बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। मौके पर तैनात पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इतने बड़े काफिले के साथ शहर में प्रवेश करने की कोई प्रशासनिक अनुमति नहीं ली गई थी।

इसके साथ ही त्योहारी सीजन (धनतेरस) के कारण बाजारों और शहर की सड़कों पर भारी भीड़ व ट्रैफिक दबाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर उन्हें आगे बढ़ने से मना किया गया।

प्रयागराज के लिए रवाना हुआ काफिला

प्रशासन के रुख और समझाइश के बाद अनंत सिंह ने सहमति जताई और शहर के अंदर जाने का कार्यक्रम रद कर दिया। इसके बाद उनका काफिला बाईपास मार्ग और भदोही होते हुए सीधे प्रयागराज के लिए रवाना हो गया। लंका चौराहे पर उनके स्वागत के लिए खड़े समर्थक इस फैसले के बाद मायूस नजर आए।

दोस्त के निजी समारोह में जा रहे थे अनंत सिंह

अनंत सिंह अपने करीबी मित्र पप्पू सलमान के यहां आयोजित एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रयागराज जा रहे थे। इसके अलावा वे अपनी पुत्री के आगामी विवाह का निमंत्रण देने भी निकले थे।

पटना से प्रयागराज के रास्ते में बिहटा, आरा, बक्सर और चंदौली में समर्थकों ने उनके काफिले का स्वागत किया था। राजनीतिक गलियारों में इस विशाल काफिले को एक बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा था, लेकिन वाराणसी पुलिस के सख्त रुख के कारण काफिला शहर के बाहर से ही निकल गया।

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