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Nirjala Ekadashi Tulsi Upay 2025: निर्जला एकादशी पर सुख-सौभाग्य को बढ़ाने के लिए ये 5 उपाय करें

Nirjala Ekadashi Tulsi Upay 2025: हिंदू धर्म में, तुलसी मां लक्ष्मी का प्रतिरूप है। तुलसी से जुड़े कुछ कार्यों को निर्जला एकादशी के दिन करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।

Nirjala Ekadashi Tulsi Upay 2025: निर्जला एकादशी का व्रत सभी एकादशी व्रतों में से सबसे कठिन माना जाता है और इसे श्रेष्ठ माना जाता है। जैसा कि नाम से स्पष्ट है, निर्जला एकादशी व्रत में किसी भी प्रकार का भोजन या जल ग्रहण करना वर्जित है। इस व्रत को करने से भगवान विष्णु का आशीर्वाद मिलता है, ऐसा माना जाता है। व्यक्ति सभी सांसारिक सुखों को भोगकर अंततः समस्त पापों से मुक्ति पाता है। मान्यता है कि निर्जला एकादशी के दिन कुछ विशिष्ट तुलसी उपायों को करने से भगवान श्रीहरि प्रसन्न होते हैं और सुख-समृद्धि का वरदान देते हैं। निर्जला एकादशी के उपाय जानें-

1. निर्जला एकादशी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का आशीर्वाद पाने के लिए ब्रह्म मुहूर्त में स्नान आदि करके विधिवत पूजा करनी चाहिए। मां लक्ष्मी को श्रीफल देना चाहिए। तब माता तुलसी को पूजना चाहिए। ऐसा करने से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का घर मिलता है।

2. निर्जला एकादशी के दिन तुलसी का भोग लगाना चाहिए। ऐसा करने से भगवान विष्णु की कृपा से सुख-समृद्धि मिलती है। एकादशी के दिन मंजरी या तुलसी को नहीं तोड़ना चाहिए।

3. निर्जला एकादशी के दिन शाम को तुलसी के पौधे पर घी का दीपक जलाना चाहिए। भगवान विष्णु की आराधना करते हुए तुलसी के पौधे की ग्यारह बार परिक्रमा करें। मान्यता है कि ऐसा करने से जीवन में सुख-शांति व खुशहाली आती है।

4. सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए निर्जला एकादशी के दिन भगवान विष्णु को पंजीरी, पुआ, पीली मिठाई, केला और पंचामृत का भोग लगाना चाहिए। इसके बाद भी माता तुलसी को भोग लगाना चाहिए। एकादशी के दिन तुलसी को स्पर्श नहीं करना चाहिए और जल भी नहीं देना चाहिए।

5. भगवान विष्णु की पूजा के बाद तुलसी की पूजा करनी चाहिए। इस दिन तुलसी चालीसा का पाठ व आरती करना अत्यंत शुभ माना गया है।

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