मायावती ने जाहिर की ये आशंका और भतीजी दीपिका आनंद के लिए भी बंद किए बसपा के दरवाजे, अब किसे किया जाएगा आगे?

बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने अपने भाई आनंद कुमार के परिवार को लेकर एक बार फिर बड़ा फैसला किया है. कुछ दिन पहले तक जिस दीपिका आनंद को लेकर बसपा में राजनीतिक जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही थी, अब मायावती ने उन्हें भी पार्टी की जिम्मेदारियों से दूर रखने का फैसला किया है. अपने सोशल मीडिया पोस्ट में मायावती ने परिवार को लेकर काफी कुछ कहा है.
यह फैसला इसलिए भी अहम है क्योंकि इससे पहले मायावती ने आनंद कुमार की बेटी दीपिका आनंद को लेकर अलग रुख अपनाया था. 12 सितंबर के बयान में उन्होंने कहा था कि यदि आनंद कुमार को संगठनात्मक काम में मदद की जरूरत हो तो वह अपनी बेटी दीपिका की सहायता ले सकते हैं. उस समय दीपिका को पार्टी में भविष्य की भूमिका मिलने की संभावना के तौर पर देखा गया था.
मायावती ने अपने फैसले को कांशीराम और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के उदाहरण से जोड़ते हुए कहा कि पार्टी और मूवमेंट के हित में वह अपने भाई-बहनों और रिश्तेदारों के खिलाफ भी कदम उठा सकती हैं. उन्होंने डॉ. आंबेडकर के 1956 में अपने बेटे यशवंत आंबेडकर को लिखे पत्र का हवाला देते हुए सार्वजनिक संपत्ति और संगठन में अनियमितता के खिलाफ सख्त रुख का उदाहरण दिया.



