
चंडीगढ़ की सीबीआई अदालत के विशेष न्यायाधीश ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) राजबीर सिंह घुम्मन की उस अर्जी पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को नोटिस जारी किया है, जिसमें उनके खिलाफ दर्ज मामले की जांच कर रही टीम के खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की मांग की गई है।
अदालत के समक्ष अपने आवेदन में घुम्मन ने कहा कि सीबीआई ने उनके और अन्य आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामले से संबंधित प्राथमिकी अपलोड करने से छूट देने के लिए एक आवेदन दायर किया था।
सीबीआई ने यह कहते हुए छूट मांगी थी कि मामला संवेदनशील है। सीबीआई कोर्ट ने अर्जी मंजूर कर ली।
घुम्मन की ओर से पेश हुए वकील फेरी सोफत ने सीबीआई अदालत के समक्ष दलील दी कि एजेंसी ने प्राथमिकी अपलोड नहीं करने का आदेश प्राप्त किया था, लेकिन प्राथमिकी मीडिया और जनता के लिए उपलब्ध कराई गई थी, जिसका उद्देश्य घुमान की छवि को धूमिल करना था।
सोफत ने तर्क दिया कि यह अदालत की अवमानना का स्पष्ट मामला है। उन्होंने एफआईआर को सार्वजनिक करने के लिए घटनाओं के अनुक्रम का रिकॉर्ड पेश करने और मामले की जांच कर रही पूरी टीम और सीबीआई अदालत के आदेश की अवहेलना करने के लिए जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने का निर्देश देने का आदेश देने की मांग की।
दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सीबीआई को नोटिस जारी कर 12 अक्टूबर तक जवाब दाखिल करने को कहा है।



