राज्यबिहार

3 दिन भी नहीं टिक सका प्रशासन का बैरियर! जर्जर भलजोर पुल पर भारी वाहनों की एंट्री से हड़कंप, ड्राइवर पर FIR की तैयारी

भागलपुर-हंसडीहा राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-133ई) पर स्थित बेहद संवेदनशील और जर्जर भलजोर पुल की सुरक्षा व्यवस्था बुधवार की देर रात तार-तार हो गई। पुल पर भारी मालवाहक वाहनों के आवागमन को पूरी तरह रोकने के लिए प्रशासन द्वारा लगाया गया मजबूत लोहे का हाइट बैरियर एक अनियंत्रित अज्ञात वाहन ने टक्कर मारकर तोड़ दिया।

इस घटना ने प्रशासन के सुरक्षा दावों की पोल खोलकर रख दी है, क्योंकि यह बैरियर महज तीन दिन पहले यानी पांच अक्टूबर को ही स्थापित किया गया था। बैरियर टूटने के तुरंत बाद जर्जर पुल होकर भारी वाहनों के निर्बाध परिचालन का रास्ता एक बार फिर खुल गया है। पुल की जर्जर स्थिति को देखते हुए किसी भी क्षण बड़े हादसे और जान-माल के भारी नुकसान की आशंका गहरा गई है।

72 घंटे भी नहीं टिक सकी प्रशासनिक व्यवस्था

उल्लेखनीय है कि भलजोर पुल तकनीकी रूप से काफी कमजोर हो चुका है और इस पर लगातार भारी वाहनों के गुजरने से संरचनात्मक क्षति का खतरा मंडरा रहा था। इसे भांपते हुए बांका जिला प्रशासन ने आनन-फानन में पांच अक्टूबर को पुल के दोनों मुहानों पर लोहे का बैरियर लगाकर भारी ट्रकों, टैंकरों और डंपरों के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया था।

लेकिन निगरानी और पुलिस पिकेट के अभाव में बुधवार की देर रात किसी भारी वाहन ने बैरियर को जोरदार टक्कर मारकर ध्वस्त कर दिया और मौके से फरार हो गया। स्थानीय राहगीरों के अनुसार, बैरियर टूटते ही रात के अंधेरे में कई भारी वाहन जर्जर पुल के ऊपर से बेधड़क गुजरने लगे, जिससे पुल की नींव पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा है।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

गुरुवार सुबह घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन की ओर से क्षतिग्रस्त लोहे के बैरियर को तत्काल वेल्डिंग कराकर दोबारा दुरुस्त करने की कवायद शुरू कर दी गई है।

दुरुस्त होगा बैरियर

एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों और स्थानीय सूत्रों की मदद से बैरियर तोड़ने वाले अज्ञात वाहन और उसके चालक की शिनाख्त की जा रही है। उन्होंने दो टूक कहा कि जर्जर भलजोर पुल पर भारी वाहनों के परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है। सरकारी आदेश और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन कर पुल को खतरे में डालने वालों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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