राज्यबिहार

भागलपुर बियाडा घाट पर गंगा किनारे मिला नवजात का शव, पास से गुजरते रहे जहाज व मुसाफिर, घंटों नहीं पहुंची पुलिस

विक्रमशिला सेतु बंद रहने के कारण बियाडा गंगा घाट पर इन दिनों प्रतिदिन हजारों यात्रियों की आवाजाही हो रही है। इसी व्यस्त बियाडा घाट स्थित जेटी नंबर-3 के समीप गुरुवार की सुबह उस समय अफरातफरी और स्तब्धता का माहौल बन गया, जब गंगा किनारे पानी में एक नवजात बच्चे का शव तैरता हुआ दिखाई दिया।

स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों और मुसाफिरों के अनुसार, सुबह से ही यह शव किनारे पानी में उतरा रहा था, लेकिन बेहद शर्मनाक पहलू यह रहा कि सुबह नौ बजे तक पुलिस या प्रशासन का कोई भी नुमाइंदा इसे हटाने नहीं पहुंचा।

गंगा पार करने के लिए जलयान पकड़ने पहुंचे मुसाफिरों की नजर जैसे ही पानी में तैरते नवजात के शव पर पड़ी, पूरा माहौल अचानक गमगीन हो गया। खासतौर पर महिला यात्रियों में इस हृदयविदारक दृश्य को देखकर भारी आक्रोश और दुख दिखा।

जहाजों से गुजरते रहे सैकड़ों मुसाफिर

यात्रियों का कहना था कि जिस घाट से हर मिनट सैकड़ों लोग, बुजुर्ग और महिलाएं आ-जा रहे हैं, वहां खुलेआम एक नवजात का शव घंटों लावारिस स्थिति में पड़ा रहना व्यवस्था की घोर संवेदनहीनता को उजागर करता है। इस संवेदनशील मामले में भी त्वरित कार्रवाई न होना प्रशासनिक मुस्तैदी के दावों की पोल खोलता है।

संवेदनहीनता पर उठे सवाल

हैरानी की बात यह रही कि सुबह से लेकर नौ बजे तक बियाडा घाट से नवगछिया के लिए तीन बड़े जलयान मुसाफिरों को लेकर रवाना हुए, जबकि जहान्वी चौक (नवगछिया) की ओर से दो जलयान यात्रियों को लेकर बियाडा जेटी पर पहुंचे। यानी सैकड़ों यात्री इस दिल दहला देने वाले दृश्य को देखते हुए वहां से गुजरने को मजबूर रहे, लेकिन किनारे पर सुरक्षा में तैनात कर्मियों ने कोई सक्रियता नहीं दिखाई।

थानों के बीच उलझी रही सूचना

इस घोर लापरवाही को लेकर जब घाट पर बने बियाडा के अस्थायी थाना से संपर्क किया गया, तो वहां से पल्ला झाड़ते हुए कहा गया कि मामले की सूचना जीरोमाइल थाना पुलिस को दे दी गई है।

कागजी समन्वय में बीता समय

हालांकि, सूचना दिए जाने के घंटों बाद भी घटनास्थल पर पुलिस की कोई गाड़ी या टीम नहीं पहुंची थी। स्थानीय नागरिकों, दुकानदारों और यात्रियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि घाट की संवेदनशीलता और मर्यादा को ध्यान में रखते हुए शव को तत्काल सम्मानजनक तरीके से हटवाकर उसका पोस्टमार्टम कराया जाए और मामले की जांच की जाए।

Related Articles

Back to top button