यूपी में भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं को कौन-से 5 टास्क सौंप दिए? बैठक में सुनाया फैसला

यूपी में हुए एमएलसी चुनाव के बाद भाजपा और एक्टिव हो गई है. विधानसभा चुनाव भी नजदीक हैं. लखनऊ में 30-31 अक्टूबर को हो रही बीजेपी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में संगठन को मजबूत करने पर खास जोर दिया गया है.
उत्तर प्रदेश बीजेपी ने संगठन को मजबूत करने के लिए अपने कार्यकर्ताओं को पांच प्रमुख जिम्मेदारियां सौंपी हैं. प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में संगठन की मजबूती और विस्तार को लेकर इन टास्क पर जोर दिया गया. पार्टी ने बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने से लेकर युवाओं, महिलाओं और नए मतदाताओं तक अपनी पहुंच बनाने का लक्ष्य रखा है.
बूथ को मजबूत करना पहली प्राथमिकता
बीजेपी ने कार्यकर्ताओं को पहला टास्क बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने का दिया है. इसके तहत हर बूथ की स्थिति पर विशेष ध्यान देने और वहां संगठन की पकड़ मजबूत करने पर फोकस रहेगा. पार्टी का जोर है कि संगठन की गतिविधियां केवल जिला या मंडल स्तर तक सीमित न रहें, बल्कि बूथ तक प्रभावी तरीके से पहुंचें.
हर बूथ पर सक्रिय रहें कार्यकर्ता
दूसरी जिम्मेदारी प्रत्येक बूथ पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बनाए रखने की है. इसके लिए कार्यकर्ताओं के बीच आपसी संवाद बढ़ाने और उन्हें संगठन के काम से लगातार जोड़े रखने पर जोर दिया गया है.
मंडल और जिला स्तर पर होंगी नियमित बैठकें
तीसरे टास्क के तहत मंडल और जिला स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित करने को कहा गया है. इन बैठकों में संगठन के कामकाज की समीक्षा की जाएगी. साथ ही, संगठनात्मक गतिविधियां किस तरह चल रही हैं और कहां सुधार की जरूरत है, इस पर भी चर्चा होगी.
युवाओं और महिलाओं तक संगठन का विस्तार
बीजेपी ने संगठन के विस्तार को चौथे टास्क में रखा है. इसके तहत युवाओं, महिलाओं, उद्यमियों और नए मतदाताओं के बीच पार्टी की पहुंच बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा. पार्टी चाहती है कि नए वर्गों को संगठन से जोड़ा जाए और उसकी गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़े.
कार्यकर्ताओं को दिया जाएगा नियमित प्रशिक्षण
पांचवें टास्क में कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण पर जोर दिया गया है. इसके तहत उन्हें पार्टी की विचारधारा, नीतियों और चुनावी रणनीति से जुड़ी जानकारी दी जाएगी. नियमित प्रशिक्षण के जरिए कार्यकर्ताओं को संगठन के कामकाज से जोड़ने और उनकी सक्रियता बनाए रखने का लक्ष्य रखा गया है.
इन पांचों टास्क के जरिए बीजेपी ने संगठन को बूथ स्तर से लेकर जिला और प्रदेश स्तर तक सक्रिय रखने की रूपरेखा रखी है.



