OBC होते हुए बनवाया ST सर्टिफिकेट, सिद्धार्थनगर में 16 साल बाद गई प्रधानाचार्य सुनैना गौड़ की नौकरी, पूरे वेतन की होगी रिकवरी

उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी नौकरी पाने वाली एक प्रधानाचार्य को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है. बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश कुमार ने यह कार्रवाई प्राथमिक विद्यालय उटिया में तैनात सुनैना गौड़ के खिलाफ की है. आरोप है कि उन्होंने 30 जुलाई 2010 को फर्जी अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी हासिल की थी.
फर्जी प्रमाण पत्र से मिली नौकरी
जांच में पता चला कि सुनैना गौड़ मूल रूप से ऐसी जाति से ताल्लुक रखती हैं, जो उत्तर प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की श्रेणी में आती है. हालांकि उन्होंने इसको नजरंदाज करको अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र बनवाया और उसके आधार पर शिक्षा विभाग में नौकरी ले ली.
हाईकोर्ट से भी नहीं मिली राहत
जाति प्रमाण पत्र निरस्त होने के बाद सुनैना गौड़ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील की थी. हालांकि अदालत से उन्हें कोई राहत नहीं मिली है. इसके बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश कुमार ने उनकी सेवा समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया है.
पूरे वेतन की होगी रिकवरी
बीएसए ने सुनैना गौड़ को 30 जुलाई 2010 को नियुक्ति मिलने से लेकर अब तक दिए गए पूरे वेतन की रिकवरी करने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी को उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश भी दिया गया है.



