हरियाणाराज्य

झज्जर ने प्रदूषण फैलाने वालों पर सख्ती बरती, धूल पैदा करने का काम रोका

झज्जर प्रशासन ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में अतिरिक्त प्रदूषण नियंत्रण उपायों को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया है। 5 से 20 नवंबर तक जिले भर में धूल पैदा करने वाली विध्वंस गतिविधियां और खुले निर्माण कार्य प्रतिबंधित रहेंगे।

उपायुक्त (डीसी) वर्षा खंगवाल ने सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को प्रतिबंधों का कड़ाई से कार्यान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, केवल उन गतिविधियों को छूट दी गई जिन्हें सीएक्यूएम दिशानिर्देशों के तहत विशेष रूप से अनुमति दी गई है।

उन्होंने अधिकारियों को प्रतिबंधित अवधि के दौरान निर्माण और विध्वंस गतिविधियों की बारीकी से निगरानी करने और नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया। अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त जनशक्ति और मशीनरी तैनात की जानी चाहिए, जबकि उल्लंघन करने वालों को संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई का सामना करना होगा।

बहादुरगढ़ में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को औद्योगिक इकाइयों और प्रदूषण के अन्य संभावित स्रोतों का निरीक्षण तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। औद्योगिक उत्सर्जन, वाहनों से होने वाला प्रदूषण, सड़क की धूल और कचरे और बायोमास को खुले में जलाने की कड़ी जांच की जाएगी।

डीसी ने संबंधित विभागों को धूल प्रदूषण को रोकने के लिए एंटी-स्मॉग गन की प्रभावी तैनाती और सड़कों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। निर्माण स्थलों को धूल के प्रसार को रोकने के लिए आवश्यक उपाय अपनाने के लिए कहा गया है।

उन्होंने अधिकारियों को खुले में कचरे और फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर बारीकी से नजर रखने और उल्लंघन करने वालों को चालान जारी करने का निर्देश दिया। कूड़ा जलाते हुए पाए जाने वालों के खिलाफ जहां भी आवश्यक हो, एफआईआर भी दर्ज की जाए।

खंगवाल ने चेतावनी दी कि प्रदूषण नियंत्रण उपायों को लागू करने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इस बीच, असौदा पुलिस ने मंडोठी गांव के पास एक वन क्षेत्र में कथित तौर पर पीवीसी तारों और अन्य औद्योगिक कचरे को जलाने के लिए पांच लोगों के खिलाफ पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है।

हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी), बहादुरगढ़ के क्षेत्रीय अधिकारी सुनील श्योराण ने कहा कि आरोपियों को पर्यावरण मानदंडों का उल्लंघन करते हुए दिल्ली-रोहतक सड़क के पास पीवीसी तार, बिजली के तार और अन्य कचरा जलाते हुए पाया गया।

उन्होंने कहा, “कुल 93 ड्रम बरामद किए गए हैं जिनमें पीवीसी और तार का कचरा है, साथ ही जले हुए सामग्री से भरे आठ ड्रम बरामद किए गए हैं। मौके से तीन वाहनों को भी जब्त किया गया है। बरामद सामग्री की कीमत लगभग 2 लाख रुपये है।

श्योराण ने कहा कि इस तरह के उल्लंघनों के खिलाफ प्रवर्तन अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा।

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