AI की रफ्तार में अब चिप नहीं, जमीन और बिजली बनेगी सबसे बड़ी चुनौती, एनवीडिया CEO ने चेताया

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की रफ्तार बढ़ाने के लिए अब सिर्फ ज्यादा ताकतवर चिप और बेहतर सॉफ्टवेयर काफी नहीं होंगे. एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग के मुताबिक, एआई के अगले दौर में जमीन, बिजली और डेटा सेंटर जैसी भौतिक सुविधाएं सबसे बड़ी चुनौती बन सकती हैं. उनका कहना है कि एआई कंपनियों की ग्रोथ अब उपलब्ध कंप्यूटिंग क्षमता और इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेजी से निर्भर हो रही है. यानी भविष्य की एआई रेस में जिसके पास पर्याप्त जमीन, बिजली और डेटा सेंटर होंगे, वह तेजी से आगे बढ़ सकेगा.
एआई के लिए फैक्ट्री क्यों जरूरी?
जेन्सेन हुआंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि एआई के नए दौर में फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धता यह तय करेगी कि कोई कंपनी कितनी तेजी से अपनी एआई क्षमता बढ़ा सकती है. उन्होंने बड़े कंप्यूटिंग केंद्रों को एआई फैक्ट्री बताया है. इनके जरिए बिजली और डेटा को कंप्यूटिंग क्षमता में बदलकर कारोबार, उद्योगों और देशों के लिए उपयोगी इंटेलिजेंस तैयार की जाती है. इसका मतलब है कि एआई अब सिर्फ सॉफ्टवेयर और मॉडल तक सीमित नहीं है. इसके पीछे बड़े पैमाने पर बिजली, सर्वर, नेटवर्किंग, जमीन और डेटा सेंटर की जरूरत होती है.
नई एआई कंपनियों के सामने बड़ी मुश्किल
हुआंग के मुताबिक, बड़े क्लाउड सेवा प्रदाताओं और आर्थिक रूप से मजबूत कंपनियों के पास अपना इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए पैसा और विशेषज्ञता मौजूद है. लेकिन तेजी से उभर रही फ्रंटियर एआई लैब्स के लिए स्थिति अलग है. इन कंपनियों की ग्रोथ अब सिर्फ सॉफ्टवेयर, एल्गोरिदम या ग्राहकों की मांग पर निर्भर नहीं है. जरूरी कंप्यूटिंग क्षमता और इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी भी उनकी रफ्तार को प्रभावित कर रही है. इसी वजह से एनवीडिया अब केवल जीपीयू उपलब्ध कराने के बजाय एआई सिस्टम के लिए जरूरी भौतिक इंफ्रास्ट्रक्चर सुरक्षित करने की दिशा में भी आगे बढ़ रही है.
ओहायो में 4.25 गीगावाट की एआई फैक्ट्री
एनवीडिया ने ओहायो के पोर्ट्समाउथ स्थित पोर्ट्स-पाइक टेक्नोलॉजी कैंपस का जिक्र किया है. यहां जमीन, बिजली और शेल क्षमता सुरक्षित करने के लिए एनवीडिया ने एसबी एनर्जी के साथ करार किया है. इस फैसिलिटी में प्रमुख एआई कंपनी ओपनएआई के किराएदार होने की उम्मीद है. प्रोजेक्ट के शुरुआती चरण में 4.25 गीगावाट की एआई फैक्ट्री क्षमता तैयार करने का लक्ष्य है. एनवीडिया का अनुमान है कि यहां तैनात सिस्टम की हर जनरेशन में करीब 15 लाख एनवीडिया जीपीयू शामिल हो सकते हैं, जिससे हर जनरेशन में 150 से 200 अरब डॉलर तक राजस्व मिलने की उम्मीद है.
ओपनएआई देगा लीज का भुगतान
जेन्सेन हुआंग ने इस बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर की फंडिंग को लेकर उठ रहे सवालों पर कहा कि इसमें किसी तरह की सर्कुलर फाइनेंसिंग नहीं है. उनके मुताबिक, इस इंफ्रास्ट्रक्चर की लीज का भुगतान ओपनएआई खुद करेगा. एनवीडिया अपने ग्राहकों की मांग को देखते हुए केवल जगह सुरक्षित कर रही है. यह रणनीति दिखाती है कि एनवीडिया अब सिर्फ चिप बनाने वाली कंपनी तक सीमित नहीं रहना चाहती. कंपनी नेटवर्किंग, सीयूडीए सॉफ्टवेयर और कंप्लीट सिस्टम के साथ अब एआई के लिए जरूरी भौतिक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी अपनी भूमिका बढ़ा रही है.



