All India Bar Exam: किस बात पर भड़के CJI चंद्रचूड़, “इतना भी स्कोर नहीं कर सकते और वकील बनना चाहते हैं”

All India Bar Exam: अखिल भारतीय बार परीक्षा में योग्यता अंक कम करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई। इस जनहित याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है।
All India Bar Exam: भारत के न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की हाजिरजवाबी अक्सर चर्चा में रहती है। CJI चंद्रचूड़ भी अक्सर सुप्रीम कोर्ट में कई मामले देखकर हैरान हो जाते हैं। ऐसा ही एक मामला मंगलवार को सामने आया जब अखिल भारतीय बार परीक्षा में उनके योग्यता अंक को कम करने की मांग को लेकर एक शिकायत आई। आइए देखें कि इस मामले की सुनवाई में क्या हुआ।
याचिका में क्या मांग की गई है?
सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका में अखिल भारतीय बार परीक्षा में योग्यता अंक कम करने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि सामान्य वर्ग/ओबीसी उम्मीदवारों के लिए योग्यता अंक 40% होना चाहिए, जबकि एससी/एसटी उम्मीदवारों के लिए 35% होना चाहिए। वर्तमान में आवश्यक अंक 45 प्रतिशत और 40 प्रतिशत हैं।
CJI चंद्रचूड़ ने क्या कहा?
अखिल भारतीय बार परीक्षा में योग्यता अंक कम करने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। याचिका खारिज करते हुए मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने कहा कि आप इतना भी स्कोर नहीं कर सकते लेकिन वकील बनना चाहते हैं?
नीट सुनवाई में क्या बदलाव हुआ है?
दूसरी ओर, सोमवार 8 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में 38 नीट याचिकाओं पर सुनवाई हुई है। विभिन्न राज्यों के हाई कोर्टों से इनमें से पांच याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट पहुंची हैं। इनमें से कई याचिकाओं में परीक्षा को रद्द करने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने नीट पेपर लीक की सुनवाई गुरुवार 11 जुलाई को रखी है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या निर्णय लिया?
सोमवार की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फर्जीवाड़ा करने वाले विद्यार्थियों की पहचान की जाए। साथ ही, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) से पूछा गया कि पेपर पहली बार कब लीक हुआ था। NTA को इस प्रश्न का जवाब गुरुवार को होने वाली सुनवाई में देना होगा। साथ ही कोर्ट ने सरकार को एक्सपर्ट की एक टीम बनाने का आदेश दिया है।



